निनाय सात्यन्तहिमोत्किरानिलाः
सहस्यरात्रीरुदवासतत्परा ।
परस्पराक्रन्दिनि चक्रवाकयोः
पुरो वियुक्ते मिथुने कृपावती ॥
निनाय सात्यन्तहिमोत्किरानिलाः
सहस्यरात्रीरुदवासतत्परा ।
परस्पराक्रन्दिनि चक्रवाकयोः
पुरो वियुक्ते मिथुने कृपावती ॥
सहस्यरात्रीरुदवासतत्परा ।
परस्पराक्रन्दिनि चक्रवाकयोः
पुरो वियुक्ते मिथुने कृपावती ॥
अन्वयः
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कृपावती सा उदवासतत्परा सती, परस्पराक्रन्दिनि वियुक्ते चक्रवाकयोः मिथुने पुरः (विद्यमाने सति) अत्यन्तहिमोत्किरानिलाः सहस्यरात्रीः निनाय ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
निनायेति । सा पार्वती । उत्किरन्ति क्षिपन्तीत्युत्किराः । `इगुपधज्ञा-` इत्यादिना कः । अत्यन्तं हिमानामुत्किरा अनिला यासु ताः सहस्यरात्रीः पौषरात्रीः । `पौषे तैषसहस्यौ द्वौ` इत्यमरः (अमरकोशः १.४.१६ ) । उदके वास उदवासः `पेषंवासवाहनधिषु च` (अष्टाध्यायी ६.३.५८ ) इत्युदादेशः । उदवासे तत्परा आसक्ता तथा परस्परमाक्रन्दिन्यन्योन्यमाक्रोशिनि पुरोऽग्रे वियुक्ते विरहिणि । वियोगं प्राप्त इति यावत् । चक्रवाकी च चक्रवाकश्च चक्रवाकौ तयोश्चक्रवाकयोर्मिथुने द्वन्द्वे कृपावती सती निनाय । दुःखिषु कृपालुत्वं महतां स्वभाव इति चक्रवाकमिथुने कृपा न तु कामितयेति वाच्यानवकाशः । `अप्सु वासस्तु हेमन्ते क्रमशो वर्धयेत्तपः` । इति मनुः
Summary
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The compassionate Parvati, dedicated to living outdoors, passed the nights of the winter month Pausha, filled with winds scattering extreme snow, in the presence of a separated pair of Chakravaka birds wailing for each other.
सारांश
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बर्फीली हवाओं वाली शीतकालीन रातों में वे जल में रहकर तप करती थीं। वे विरह में विलाप करते चक्रवाक जोड़ों के प्रति अत्यंत दयालु थीं।
पदच्छेदः
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| निनाय | निनाय (√नी कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | she passed |
| सा | तद् (१.१) | she |
| अत्यन्तहिमोत्किरानिलाः | अत्यन्त–हिम–उत्किरत्–अनिल (२.३) | with winds scattering extreme snow |
| सहस्यरात्रीः | सहस्य–रात्रि (२.३) | the nights of the month of Pausha |
| उदवासतत्परा | उदवास–तत्परा (१.१) | devoted to living outdoors |
| परस्पराक्रन्दिनि | परस्पर–आक्रन्दिन् (७.१) | wailing for each other |
| चक्रवाकयोः | चक्रवाक (६.२) | of the two chakravaka birds |
| पुरः | पुरस् | in front |
| वियुक्ते | वियुक्त (वि√युज्+क्त, ७.१) | separated |
| मिथुने | मिथुन (७.१) | the pair |
| कृपावती | कृपावत् (१.१) | the compassionate one |
छन्दः
वंशस्थम् [१२: जतजर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| नि | ना | य | सा | त्य | न्त | हि | मो | त्कि | रा | नि | लाः |
| स | ह | स्य | रा | त्री | रु | द | वा | स | त | त्प | रा |
| प | र | स्प | रा | क्र | न्दि | नि | च | क्र | वा | क | योः |
| पु | रो | वि | यु | क्ते | मि | थु | ने | कृ | पा | व | ती |
| ज | त | ज | र | ||||||||
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