तुषारसंघातशिलाः खुराग्रैः
समुल्लिखन्दर्पकलः ककुद्मान् ।
दृष्टः कथं चिद्गवयैर्विविग्नै-
रसोढसिंहध्वनिरुन्ननाद ॥
तुषारसंघातशिलाः खुराग्रैः
समुल्लिखन्दर्पकलः ककुद्मान् ।
दृष्टः कथं चिद्गवयैर्विविग्नै-
रसोढसिंहध्वनिरुन्ननाद ॥
समुल्लिखन्दर्पकलः ककुद्मान् ।
दृष्टः कथं चिद्गवयैर्विविग्नै-
रसोढसिंहध्वनिरुन्ननाद ॥
अन्वयः
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दर्पकलः ककुद्मान् खुराग्रैः तुषारसंघातशिलाः समुल्लिखन्, विविग्नैः गवयैः कथम् चित् दृष्टः, असोढसिंहध्वनिः सन् उन्ननाद।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
तुषारेति । तुषारसंघाता हिमघनास्त एव शिलास्ताः खुराग्रैः समुल्लिखन्विदारयन्दर्पेण कलो मधुरध्वनिर्यस्य स दर्पकलो विविग्नैर्मेतैर्गवयैर्गोसदृशमृगविशेषैः कथंचित्कृच्छ्रेण दृष्टः । ककुदमस्यास्तीति ककुद्मान्वृषभोऽसोढः सिंहानां ध्वनिर्येंन स सिंहध्वनिमसहमानः सन् । उन्ननादोच्चैर्ननाद । जगर्जेत्यर्थः । स्वभावोक्तिरलङ्कारः । तदुक्तम्-- स्वभावोक्तिरसौ चारु यथावव्दस्तुवर्णन्म् इति
Summary
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The humped bull (Nandi), muttering with pride, scraped at the rocks of frozen snow with his hoof-tips. Seen with alarm by the wild oxen, he roared loudly, as if unable to tolerate the roar of a lion.
सारांश
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शिव के नंदी ने बर्फ की शिलाओं को खुरचते हुए और सिंहों को भयभीत करने वाला भयंकर गर्जन किया।
पदच्छेदः
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| तुषारसंघातशिलाः | तुषार–संघात–शिला (२.३) | rocks of frozen snow |
| खुराग्रैः | खुर–अग्र (३.३) | with the tips of his hooves |
| समुल्लिखन् | समुल्लिखत् (सम्+उत्√लिख्+शतृ, १.१) | scraping |
| दर्पकलः | दर्प–कल (१.१) | muttering with pride |
| ककुद्मान् | ककुद्मत् (१.१) | the humped one (Nandi) |
| दृष्टः | दृष्ट (√दृश्+क्त, १.१) | seen |
| कथम् | कथम् | somehow |
| चित् | चित् | |
| गवयैः | गवय (३.३) | by the gayals |
| विविग्नैः | विविग्न (वि√विज्+क्त, ३.३) | alarmed |
| असोढसिंहध्वनिः | असोढ (√सह्+क्त)–सिंह–ध्वनि (१.१) | unable to tolerate the roar of a lion |
| उन्ननाद | उन्ननाद (उत्√नद् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | roared loudly |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| तु | षा | र | सं | घा | त | शि | लाः | खु | रा | ग्रैः |
| स | मु | ल्लि | ख | न्द | र्प | क | लः | क | कु | द्मान् |
| दृ | ष्टः | क | थं | चि | द्ग | व | यै | र्वि | वि | ग्नै |
| र | सो | ढ | सिं | ह | ध्व | नि | रु | न्न | ना | द |
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