अयाचितारं न हि देवदेव-
मद्रिः सुतां ग्राहयितुं शशाक ।
अभ्यर्थनाभङ्गभयेन साधु-
र्माध्यस्थ्यमिष्टेऽप्यवलम्बतेऽर्थे ॥
अयाचितारं न हि देवदेव-
मद्रिः सुतां ग्राहयितुं शशाक ।
अभ्यर्थनाभङ्गभयेन साधु-
र्माध्यस्थ्यमिष्टेऽप्यवलम्बतेऽर्थे ॥
मद्रिः सुतां ग्राहयितुं शशाक ।
अभ्यर्थनाभङ्गभयेन साधु-
र्माध्यस्थ्यमिष्टेऽप्यवलम्बतेऽर्थे ॥
अन्वयः
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अद्रिः अयाचितारम् देवदेवम् सुताम् ग्राहयितुम् न शशाक हि। साधुः इष्टे अर्थे अपि अभ्यर्थनाभङ्गभयेन माध्यस्थ्यम् अवलम्बते।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
अयाचितारमिति । अद्रिर्हिमवानयाचितारमयाचमानं देवदेवं महादेवं सुतां पार्वतीं ग्राहयितुं स्वयमाहूय परिग्राहयितुं न शशाक नोत्सेहे । तथाहि साधुः सज्जनः । `साधुर्वार्धुषिके चारौ सज्जने चाभिधेयवत्` इति विश्वः । अभ्यर्थनाभङ्गभयेन याच्ञावैफल्यभीत्येष्टेऽप्यर्थे विषये माध्यस्थ्यमौदासीन्यमवलम्बते
Summary
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The mountain king Himalaya could not bring himself to offer his daughter to the God of gods, who had not asked for her. For a good person, out of fear that their request might be rejected, often adopts a neutral stance even in a matter they deeply desire.
सारांश
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बिना मांगे हिमालय ने अपनी पुत्री शिव को नहीं दी, क्योंकि सज्जन व्यक्ति अपनी प्रिय वस्तु की याचना ठुकराए जाने के भय से तटस्थ ही रहते हैं।
पदच्छेदः
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| अयाचितारम् | अयाचितृ (√याच्+तृच्, २.१) | one who does not ask |
| न | न | not |
| हि | हि | for |
| देवदेवम् | देव–देव (२.१) | the god of gods (Shiva) |
| अद्रिः | अद्रि (१.१) | the mountain (Himalaya) |
| सुताम् | सुता (२.१) | his daughter |
| ग्राहयितुम् | ग्राहयितुम् (√ग्रह्+णिच्+तुमुन्) | to make accept |
| शशाक | शशाक (√शक् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | was able |
| अभ्यर्थनाभङ्गभयेन | अभ्यर्थना–भङ्ग–भय (३.१) | due to the fear of the rejection of a request |
| साधुः | साधु (१.१) | a good person |
| माध्यस्थ्यम् | माध्यस्थ्य (२.१) | neutrality |
| इष्टे | इष्ट (√इष्+क्त, ७.१) | desired |
| अपि | अपि | even |
| अवलम्बते | अवलम्बते (अव√लम्ब् कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | resorts to |
| अर्थे | अर्थ (७.१) | in a matter |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | या | चि | ता | रं | न | हि | दे | व | दे | व |
| म | द्रिः | सु | तां | ग्रा | ह | यि | तुं | श | शा | क |
| अ | भ्य | र्थ | ना | भ | ङ्ग | भ | ये | न | सा | धु |
| र्मा | ध्य | स्थ्य | मि | ष्टे | ऽप्य | व | ल | म्ब | ते | ऽर्थे |
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