तां हंसमालाः शरदीव गङ्गां
महौषधिं नक्तमिवात्मभासः ।
स्थिरोपदेशामुपदेशकाले
प्रपेदिरे प्राक्तनजन्मविद्याः ॥
तां हंसमालाः शरदीव गङ्गां
महौषधिं नक्तमिवात्मभासः ।
स्थिरोपदेशामुपदेशकाले
प्रपेदिरे प्राक्तनजन्मविद्याः ॥
महौषधिं नक्तमिवात्मभासः ।
स्थिरोपदेशामुपदेशकाले
प्रपेदिरे प्राक्तनजन्मविद्याः ॥
अन्वयः
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उपदेशकाले प्राक्तनजन्मविद्याः स्थिरोपदेशाम् ताम् प्रपेदिरे, शरदि हंसमालाः गङ्गाम् इव, नक्तम् आत्मभासः महौषधिम् इव।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
तामिति ॥ स्थिरः स्थेयानुपदेशः प्राग्भवीयो यस्यास्तादृशीम् । मेधाविनीमित्यर्थः । तां पार्वतीमुपदेशकाले प्राक्तनजन्मविद्याः । पूर्वजन्माभ्यस्तविद्या इत्यर्थः । शरदि गङ्गां हंसमाला इव नक्तं रात्रौ महौषधिं तृणविशेषमात्मभासः स्वदीप्तय इव प्रपेदिरे । उपमानसामर्थ्यादुपदेशमन्तरेणैवेति गम्यते
Summary
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At the time of instruction, the knowledge from her previous birth came to her, whose learning was firm, just as rows of swans come to the Ganges in autumn, and self-luminous herbs come to the great medicinal plant (Soma) at night.
सारांश
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शिक्षा ग्रहण करने के समय उन्हें पिछले जन्म की विद्याएं स्वतः ही वैसे प्राप्त हो गईं, जैसे शरद ऋतु में गंगा के पास हंस और रात्रि में दिव्य औषधियां अपनी चमक पा लेती हैं।
पदच्छेदः
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| ताम् | तद् (२.१) | her |
| हंसमालाः | हंस–माला (१.३) | rows of swans |
| शरदीव | शरद् (७.१)–इव | as in autumn |
| गङ्गां | गङ्गा (२.१) | the Ganges |
| महौषधिं | महौषधि (२.१) | the great medicinal plant |
| नक्तमिवात्मभासः | नक्तम्–इव–आत्मन्–भास् (१.३) | as at night, self-luminous herbs |
| स्थिरोपदेशाम् | स्थिर–उपदेश (२.१) | to her whose learning was firm |
| उपदेशकाले | उपदेश–काल (७.१) | at the time of instruction |
| प्रपेदिरे | प्रपेदिरे (प्र√पद् कर्तरि लिट् (आत्मने.) प्र.पु. बहु.) | came to |
| प्राक्तनजन्मविद्याः | प्राक्तन–जन्मन्–विद्या (१.३) | the knowledge from her previous birth |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| तां | हं | स | मा | लाः | श | र | दी | व | ग | ङ्गां |
| म | हौ | ष | धिं | न | क्त | मि | वा | त्म | भा | सः |
| स्थि | रो | प | दे | शा | मु | प | दे | श | का | ले |
| प्र | पे | दि | रे | प्रा | क्त | न | ज | न्म | वि | द्याः |
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