तां पार्वतीत्याभिजनेन नाम्ना
बन्धुप्रियां बन्धुजनो जुहाव ।
उ मेति मात्रा तपसो निषिद्धा
पश्चादुमाख्यां सुमुखी जगाम ॥
तां पार्वतीत्याभिजनेन नाम्ना
बन्धुप्रियां बन्धुजनो जुहाव ।
उ मेति मात्रा तपसो निषिद्धा
पश्चादुमाख्यां सुमुखी जगाम ॥
बन्धुप्रियां बन्धुजनो जुहाव ।
उ मेति मात्रा तपसो निषिद्धा
पश्चादुमाख्यां सुमुखी जगाम ॥
अन्वयः
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बन्धुजनः बन्धुप्रियां ताम् आभिजनेन नाम्ना पार्वती इति जुहाव। सुमुखी मात्रा 'उ मा' इति तपसः निषिद्धा (सती) पश्चात् उमा आख्यां जगाम।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
तामिति ॥ बन्धुप्रियां तां बालां बन्धुजनः पित्रादिः । अभिजनादागतेनाभिजनेन । पित्रादिपूर्वसंबन्धोपाधिकेनेत्यर्थः । `अभिजनाः पुर्वबान्धवाः` इति काशिका । नाम्ना । पर्वतस्यापत्यं स्त्री पार्वती । `तस्यापत्यम्` (अष्टाध्यायी ४.१.९२ ) इत्यणप्रत्ययः । इति जुहावाहूतवान् । ह्वयतेर्लिटि रुपम् । पर्वतजन्यत्वोपाधिना पार्वतीति नाम्ना प्रसिद्धिरिति भावः । पश्चादभिजनानामप्रवृत्त्यनन्तरं मात्रा जनन्या । उ इति संबोधने । `उ इति वितर्कसंबोधनपादपूरणेषु` इति गणव्याख्याने । माशब्दो निषेधे । उ हे वत्से, मामा कुर्वित्येवंरुपेण । तपसस्तपश्चर्यायाः । `वारणार्थानामीप्सितः` (अष्टाध्यायी १.४.२७ ) इत्यपादानत्वात्पञ्चमी । निषिद्धा निवारिता सती सुमुखी सा बालोमेत्याख्यां नामधैयमुमाख्यां जगाम
Summary
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Her relatives called her, who was dear to them, by the family name 'Pārvatī' (daughter of the mountain). Later, when forbidden from asceticism by her mother with the words 'O, don't!', the beautiful-faced girl acquired the name 'Umā'.
सारांश
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कुल के नाम के अनुसार बंधुजनों ने उन्हें 'पार्वती' कहकर पुकारा, परंतु तपस्या से रोकने के लिए माता द्वारा 'उ मा' (ओ, मत कर) कहने के कारण वे 'उमा' नाम से प्रसिद्ध हुईं।
पदच्छेदः
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| ताम् | तद् (२.१) | Her |
| पार्वतीति | पार्वती (२.१)–इति | as 'Pārvatī' |
| आभिजनेन | आभिजन (३.१) | by the family |
| नाम्ना | नामन् (३.१) | name |
| बन्धुप्रियाम् | बन्धु–प्रिय (२.१) | who was dear to her relatives |
| बन्धुजनः | बन्धु–जन (१.१) | The relatives |
| जुहाव | जुहाव (√ह्वे कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | called |
| उ | उ | O |
| मेति | मा–इति | 'don't' |
| मात्रा | मातृ (३.१) | by her mother |
| तपसः | तपस् (५.१) | from asceticism |
| निषिद्धा | निषिद्ध (नि√सिध्+क्त, १.१) | forbidden |
| पश्चादुमाख्यां | पश्चात्–उमा–आख्या (२.१) | afterwards the name 'Umā' |
| सुमुखी | सुमुखी (१.१) | the beautiful-faced one |
| जगाम | जगाम (√गम् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | acquired |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| तां | पा | र्व | ती | त्या | भि | ज | ने | न | ना | म्ना |
| ब | न्धु | प्रि | यां | ब | न्धु | ज | नो | जु | हा | व |
| उ | मे | ति | मा | त्रा | त | प | सो | नि | षि | द्धा |
| प | श्चा | दु | मा | ख्यां | सु | मु | खी | ज | गा | म |
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