कालक्रमेणाथ तयोः प्रवृत्ते
स्वरूपयोग्ये सुरतप्रसङ्गे ।
मनोरमं यौवनमुद्वहन्त्या
गर्भोऽभवद्भूधरराजपत्न्याः ॥
कालक्रमेणाथ तयोः प्रवृत्ते
स्वरूपयोग्ये सुरतप्रसङ्गे ।
मनोरमं यौवनमुद्वहन्त्या
गर्भोऽभवद्भूधरराजपत्न्याः ॥
स्वरूपयोग्ये सुरतप्रसङ्गे ।
मनोरमं यौवनमुद्वहन्त्या
गर्भोऽभवद्भूधरराजपत्न्याः ॥
अन्वयः
AI
अथ कालक्रमेण तयोः स्वरूपयोग्ये सुरतप्रसङ्गे प्रवृत्ते सति, मनोरमम् यौवनम् उद्वहन्त्याः भूधरराजपत्न्याः गर्भः अभवत् ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
कालक्रमेणेति ॥ अथ कालक्रमेण । गच्छता कालेनेत्यर्थः । तयोर्मेनकाहिमवतोः स्वरुपयोग्ये सौन्दर्यानुगुणे । यद्वा रुप्यते निश्चीयतेऽनेनेति रुपं ज्ञानं तद्योग्ये । शास्त्रानुसारिणीत्यर्थः । सुरतप्रसङ्गे सुरतकर्मणि प्रवृत्ते सति मनोरमं यौवनमुद्वहन्त्या भूधरराजपत्न्या मेनकाया गर्भोऽभवत्
Summary
AI
Then, in the course of time, as the two engaged in love-making befitting their forms, the wife of the king of mountains, who possessed a charming youth, conceived.
सारांश
AI
समय बीतने पर उन दोनों के मध्य प्रेम संबंध स्थापित होने के पश्चात्, सुंदर यौवन वाली हिमालय की पत्नी मेना ने गर्भ धारण किया।
पदच्छेदः
AI
| कालक्रमेण | काल–क्रम (३.१) | in the course of time |
| अथ | अथ | then |
| तयोः | तद् (६.२) | of the two |
| प्रवृत्ते | प्रवृत्त (प्र√वृत्+क्त, ७.१) | having engaged in |
| स्वरूपयोग्ये | स्वरूप–योग्य (७.१) | befitting their forms |
| सुरतप्रसङ्गे | सुरत–प्रसङ्ग (७.१) | in the context of love-making |
| मनोरमम् | मनोरम (२.१) | charming |
| यौवनम् | यौवन (२.१) | youth |
| उद्वहन्त्याः | उद्वहन्ती (उद्√वह्+शतृ, ६.१) | of her who possessed |
| गर्भः | गर्भ (१.१) | conception |
| अभवत् | अभवत् (√भू कर्तरि लङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | happened |
| भूधरराजपत्न्याः | भूधर–राजन्–पत्नी (६.१) | of the wife of the king of mountains |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| का | ल | क्र | मे | णा | थ | त | योः | प्र | वृ | त्ते |
| स्व | रू | प | यो | ग्ये | सु | र | त | प्र | स | ङ्गे |
| म | नो | र | मं | यौ | व | न | मु | द्व | ह | न्त्या |
| ग | र्भो | ऽभ | व | द्भू | ध | र | रा | ज | प | त्न्याः |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.