अन्वयः
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प्रियतमे रभसेन लोलदृष्टि दयितायाः वदनं चुम्बति सति, अंशुकं व्रीडया सह नितम्बात् विनीवि शिथिलताम् उपपेदे।
English Summary
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As the passionate lover kissed the face of his beloved, whose eyes were trembling, her garment, with its knot undone, slipped from her hips, attaining looseness along with her shyness.
सारांश
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जब प्रियतम ने चंचल नेत्रों वाली सुंदरी का वेग से चुंबन लिया, तब लज्जा के साथ-साथ उसकी कमर से वस्त्र की गाँठ भी ढीली हो गई।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
लोलेति ॥ प्रियतमे लोलदृष्टि चञ्चलेक्षणं दयिताया वदनं रभसेन बलात्कारेण चुम्बति सति विनीवि निर्गतबन्धनमंशुकं नितम्बाद्व्रीडया सह शिथिलतामुपपेदे । उभयमपि शिथिलमासीदित्यर्थः । अत्र व्रीडांशुकरूपसंबन्धिभेदभिन्नवृत्तिस्रंसनरूपशैथिल्यस्याभेदाध्यवसायनिबन्धनातिशयोक्तिभूलः सहोक्तिविशेषोऽलंकारः । अत एव व्रीडांशुकौपम्यं च कल्प्यम् । अत्र वात्स्यायन:-बाह्यमाभ्यन्तरं चेति द्विविधं रतमुच्यते। तत्राद्यं चुम्बनाश्लेषनखदन्तक्षतादिकम् ॥ द्वितीयं सुरतं साक्षान्नानाकरणकाल्पितम् ॥' इति ॥ हीतया गलितनीवि निरस्यन्नन्तरीयमवलम्बितकाञ्चि । मण्डलीकृतपृथुस्तनभारं सस्वजे दयितया हृदयेशः
पदच्छेदः
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| लोलदृष्टि | लोल–दृष्टि (२.१) | with trembling eyes |
| वदनम् | वदन (२.१) | the face |
| दयितायाः | दयिता (६.१) | of his beloved |
| चुम्बति | चुम्बत् (√चुम्ब्+शतृ, ७.१) | while kissing |
| प्रियतमे | प्रियतम (७.१) | the beloved lover |
| रभसेन | रभस (३.१) | with passion |
| व्रीडया | व्रीडा (३.१) | her shyness |
| सह | सह | along with |
| विनीवि | विनीवि | with its knot undone |
| नितम्बात् | नितम्ब (५.१) | from the hips |
| अंशुकम् | अंशुक (१.१) | the garment |
| शिथिलताम् | शिथिलता (२.१) | looseness |
| उपपेदे | उपपेदे (उप√पद् कर्तरि लिट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | attained |
छन्दः
आर्यागीतिः []
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| लो | ल | दृ | ष्टि | व | द | नं | द | यि | |||||
| ता | या | श्चु | म्ब | ति | प्रि | य | त | मे | र | भ | से | न | |
| व्री | ड | या | स | ह | वि | नी | वि | ||||||
| नि | त | म्बा | दं | शु | कं | शि | थि | ल | ता | मु | प | प | दे |
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