अन्वयः
AI
सद्मनां विरचनाहितशोभैः आगतप्रियकथैः अपि दूत्यम् ईषे। भूषितैः अपि संनिकृष्टरतिभिः सुरदारैः विभूषणम् ईषे।
English Summary
AI
The role of a messenger was undertaken by the beautiful decorations of the palaces and by the news of a lover's arrival. The role of an ornament was undertaken by the lovers for the celestial ladies, who, though already adorned, found their partners to be their greatest embellishment.
सारांश
AI
यद्यपि घरों की सजावट हो चुकी थी और दूतियों ने प्रियतम के आने का समाचार सुना दिया था, फिर भी मिलन के लिए उत्सुक देवांगनाओं ने स्वयं को और अधिक सजाने हेतु आभूषणों की इच्छा की।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
सद्मनामित्यादि ॥ संनिकृष्टरतिभिरासन्नसुरतोत्सवैरत एव सुरदारैः सुरवधूभिराहितशोभैः प्रागेव विहितकेलिगृहमण्डनैरपि पुनः सद्मनां केलिगृहाणां विरचना मण्डनमीषेऽभिलेषे । इषेः कर्मणि लिट् । आगतप्रियकथैः प्राप्तप्रियजनवृत्तान्तैरपि दू तस्य कर्म दूत्यं दूतीव्यापार ईषे । दूतस्य भावकर्मणोर्यत्प्रत्ययः । तथा भूषितैरपि विभूषणं प्रसाधनमीषे । औत्सुक्यातिरेकादिति भावः ॥
पदच्छेदः
AI
| सद्मनाम् | सद्मन् (६.३) | of the palaces |
| विरचनाहितशोभैः | विरचन–आहित (आ√धा+क्त)–शोभा (३.३) | by the beautiful decorations |
| आगतप्रियकथैः | आगत (आ√गम्+क्त)–प्रिय–कथा (३.३) | by the news of the beloved's arrival |
| अपि | अपि | also |
| दूत्यम् | दूत्य (१.१) | the role of a messenger |
| संनिकृष्टरतिभिः | संनिकृष्ट (सम्+नि√कृष्+क्त)–रति (३.३) | by those whose lovemaking was imminent |
| सुरदारैः | सुर–दाराः (३.३) | by the celestial ladies |
| भूषितैः | भूषित (√भूष्+क्त, ३.३) | though adorned |
| अपि | अपि | even |
| विभूषणम् | विभूषण (१.१) | the role of an ornament |
| ईषे | ईषे (√इष् भावकर्मणोः लिट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | was undertaken |
छन्दः
स्वागता [११: रनभगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | द्म | नां | वि | र | च | ना | हि | त | शो | भै |
| रा | ग | त | प्रि | य | क | थै | र | पि | दू | त्यम् |
| सं | नि | कृ | ष्ट | र | ति | भिः | सु | र | दा | रै |
| र्भू | षि | तै | र | पि | वि | भू | ष | ण | मी | षे |
| र | न | भ | ग | ग | ||||||
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.