न प्रसादमुचितं गमिता द्यै-
र्नोद्धृतं तिमिरमद्रिवनेभ्यः ।
दिङ्मुखेषु न च धाम विकीर्णं
भूषितैव रजनी हिमभासा ॥
न प्रसादमुचितं गमिता द्यै-
र्नोद्धृतं तिमिरमद्रिवनेभ्यः ।
दिङ्मुखेषु न च धाम विकीर्णं
भूषितैव रजनी हिमभासा ॥
र्नोद्धृतं तिमिरमद्रिवनेभ्यः ।
दिङ्मुखेषु न च धाम विकीर्णं
भूषितैव रजनी हिमभासा ॥
अन्वयः
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हिम-भासा द्यौः उचितम् प्रसादम् न गमिता, अद्रि-वनेभ्यः तिमिरम् न उद्धृतम्, दिक्-मुखेषु धाम च न विकीर्णम्, रजनी भूषिता एव ।
English Summary
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By the cool-rayed moon, the sky was not brought to its full clearness, the darkness was not removed from the mountains and forests, and the light was not scattered in all directions; the night was merely adorned.
सारांश
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न तो आकाश अभी पूरी तरह स्वच्छ हुआ था, न पर्वतों के वनों से अंधकार दूर हुआ था और न ही दिशाओं के मुख पर प्रकाश पूरी तरह फैला था, फिर भी वह रात्रि शीतल चाँदनी से सुशोभित हो गई थी।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
नेति ॥ हिमभासा चन्द्रेण द्यौराकाशमुचितंयोग्यं प्रसादं न गमिता । अद्रयो वनानि च तेभ्यस्तिमिरं नोद्धृतं नोत्सारितम् । दिशां मुखेषु धाम तेजश्च न विकीर्णं न पर्यस्तम् । तथापि रजनी भूषितैव। उक्तगुणासंपत्ताविति भावः । अत्र प्रसाधनकारणाभावेऽपि तत्कार्यभूषणोक्त्या विभावनालंकारः ॥
पदच्छेदः
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| न | न | not |
| प्रसादम् | प्रसाद (२.१) | clearness |
| उचितं | उचित (२.१) | full |
| गमिता | गमित (√गम्+णिच्+क्त, १.१) | was brought to |
| द्यौः | द्यु (१.१) | the sky |
| नोद्धृतं | न–उद्धृत (उत्√हृ+क्त, १.१) | not removed |
| तिमिरम् | तिमिर (१.१) | the darkness |
| अद्रिवनेभ्यः | अद्रि–वन (५.३) | from the mountains and forests |
| दिङ्मुखेषु | दिक्–मुख (७.३) | in all directions |
| न | न | not |
| च | च | and |
| धाम | धामन् (१.१) | the light |
| विकीर्णं | विकीर्ण (वि√कॄ+क्त, १.१) | scattered |
| भूषिता | भूषित (√भूष्+क्त, १.१) | adorned |
| एव | एव | merely |
| रजनी | रजनी (१.१) | the night |
| हिमभासा | हिम–भास् (३.१) | by the cool-rayed moon |
छन्दः
स्वागता [११: रनभगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| न | प्र | सा | द | मु | चि | तं | ग | मि | ता | द्यै |
| र्नो | द्धृ | तं | ति | मि | र | म | द्रि | व | ने | भ्यः |
| दि | ङ्मु | खे | षु | न | च | धा | म | वि | की | र्णं |
| भू | षि | तै | व | र | ज | नी | हि | म | भा | सा |
| र | न | भ | ग | ग | ||||||
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