निरञ्जने साचिविलोकितं दृशा-
वयावकं वेपथुरोष्ठपल्लवम् ।
नतभ्रुवो मण्डयदि स्म विग्रहे
बलिक्रिया चातिलकं तदास्पदम् ॥
निरञ्जने साचिविलोकितं दृशा-
वयावकं वेपथुरोष्ठपल्लवम् ।
नतभ्रुवो मण्डयदि स्म विग्रहे
बलिक्रिया चातिलकं तदास्पदम् ॥
वयावकं वेपथुरोष्ठपल्लवम् ।
नतभ्रुवो मण्डयदि स्म विग्रहे
बलिक्रिया चातिलकं तदास्पदम् ॥
अन्वयः
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नत-भ्रुवः विग्रहे निरञ्जने दृशौ, साचि-विलोकितम्, अयावकम् ओष्ठ-पल्लवम्, वेपथुः, च अतिलकम् तत्-आस्पदम् बलि-क्रिया (अपि) मण्डयति स्म।
English Summary
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On the body of the woman with arched brows, her two collyrium-less eyes, her sidelong glance, her sprout-like lip without lac-dye, her trembling, the folds on her abdomen, and her forehead without its tilaka mark—all these served as adornments.
सारांश
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बिना काजल के सुंदर आँखें, बिना लाक्षा-रस के कांपते अधर और तिलक के स्थान पर जल की बूंदों ने स्त्रियों के स्वाभाविक सौंदर्य को और अधिक अलंकृत कर दिया।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
निरञ्जन इति ॥ नतभ्रुवोऽङ्गनाया विग्रहे वपुषि निरञ्जने निर्धौतकज्जले दृशौ विलोचने कर्म साचिविलोकितं तिर्यगीक्षणं कर्तृ मण्डयति स्म ।
तिर्यगर्थे साचि तिरः इत्यमरः (अमरकोशः ३.४.६ ) । अयावकं क्षालितलाक्षारागमोष्ठपल्लवं वेपथुः कम्पो मण्डयति स्म। ट्वितोऽथुच् (अष्टाध्यायी ३.३.८९ ) इत्यथुच्प्रत्ययः । अतिलकं तिलकरहितं तदास्पदं तिलकस्थानं ललाटम् । आस्पदं प्रतिष्ठायाम् (अष्टाध्यायी ६.१.१४६ ) इति निपातः । बलिक्रिया रेखाबन्धश्च मण्डयति स्म । तदा निरलंकारस्याङ्गनाशरीरस्य तच्छरीरविकारैरेवालंकारः समजनीत्यर्थः ॥ निमीलदाकेकरलोलचक्षुषां प्रियोपकण्ठं कृतगात्रवेपथुः । निमज्जतीनां श्वसितोद्धतस्तनःश्रमो नु तासां मदनो नु पप्रथे
पदच्छेदः
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| निरञ्जने | निरञ्जन (१.२) | The two collyrium-less |
| साचिविलोकितं | साचि–विलोकित (१.१) | the sidelong glance, |
| दृशौ | दृश् (१.२) | eyes, |
| अयावकं | अयावक (१.१) | without lac-dye |
| वेपथुः | वेपथु (१.१) | the trembling, |
| ओष्ठपल्लवम् | ओष्ठपल्लव (१.१) | the sprout-like lip, |
| नतभ्रुवः | नतभ्रु (६.१) | of the woman with arched brows |
| मण्डयदि स्म | मण्डयति स्म (√मण्ड् कर्तरि लट् (स्मयोगे भूते) (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | adorned |
| विग्रहे | विग्रह (७.१) | her body. |
| बलिक्रिया | बलिक्रिया (१.१) | The folds on her abdomen |
| च | च | and |
| अतिलकं | अतिलक (१.१) | without a tilaka mark |
| तदास्पदम् | तदास्पद (१.१) | its place (the forehead) |
छन्दः
वंशस्थम् [१२: जतजर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| नि | र | ञ्ज | ने | सा | चि | वि | लो | कि | तं | दृ | शा |
| व | या | व | कं | वे | प | थु | रो | ष्ठ | प | ल्ल | वम् |
| न | त | भ्रु | वो | म | ण्ड | य | दि | स्म | वि | ग्र | हे |
| ब | लि | क्रि | या | चा | ति | ल | कं | त | दा | स्प | दम् |
| ज | त | ज | र | ||||||||
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