प्रवालभङ्गारुणपाणिपल्लवः
परागपाण्डूकृतपीवरस्तनः ।
महीरुहः पुष्पसुगन्धिराददे
वपुर्गुणोच्छ्रायमिवाङ्गनाजनः ॥
प्रवालभङ्गारुणपाणिपल्लवः
परागपाण्डूकृतपीवरस्तनः ।
महीरुहः पुष्पसुगन्धिराददे
वपुर्गुणोच्छ्रायमिवाङ्गनाजनः ॥
परागपाण्डूकृतपीवरस्तनः ।
महीरुहः पुष्पसुगन्धिराददे
वपुर्गुणोच्छ्रायमिवाङ्गनाजनः ॥
अन्वयः
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प्रवालभङ्गारुणपाणिपल्लवः परागपाण्डूकृतपीवरस्तनः पुष्पसुगन्धिः अङ्गनाजनः महीरुहः वपुर्गुणोच्छ्रायम् इव आददे ।
English Summary
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The group of women, their sprout-like hands reddened from breaking tender shoots, their plump breasts made pale with pollen, and their bodies fragrant with flowers, seemed to have absorbed the very excellence of the trees' finest qualities.
सारांश
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वृक्षों ने पुष्पों की सुगंध, पल्लवों जैसे लाल हाथों और पराग से धवलित स्तनों वाली देवांगनाओं की शोभा के उत्कर्ष को मानो स्वयं में धारण कर लिया।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
प्रावलेति ॥ प्रवालभङ्गेन पल्लवलवेनारुणः पाणिपल्लवो यस्य । तद्रसरञ्जनादित्यर्थः। परागेण पुष्परजसा पाण्डूकृतौ पीवरौ स्तनौ यस्य स पुष्पैः सुगन्धिः सुरभिरङ्गनाजनो महीरुहो वृक्षजाताद्वपुर्गुणस्य स्वदेहगुणस्योच्छ्रायः पाणिपल्लवारुण्यादेर्य उत्कर्षस्तमाददे लब्धवानिवेत्युत्प्रेक्षा । वस्तुतस्तु स्वाभाविक एव प्रवालभङ्गादिभिरभिव्यज्यत इति भावः । उत्कृष्टः श्राय उच्छ्राय इति घञन्तेन प्रादिसमासः । न तूपसृष्टाद्धञ्प्रत्ययः।
श्रिणीभुवोऽनुपसर्गे (अष्टाध्यायी ३.३.२४ ) इति प्रतिषेधात् ॥ पञ्चभिः कुलकमाह
पदच्छेदः
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| प्रवालभङ्गारुणपाणिपल्लवः | प्रवाल–भङ्ग–अरुण–पाणि–पल्लव (१.१) | whose sprout-like hands were reddened by broken sprouts |
| परागपाण्डूकृतपीवरस्तनः | पराग–पाण्डूकृत–पीवर–स्तन (१.१) | whose plump breasts were made pale by pollen |
| महीरुहः | महीरुह् (६.१) | of the trees |
| पुष्पसुगन्धिः | पुष्प–सुगन्धि (१.१) | fragrant with flowers |
| आददे | आददे (आ√दा कर्तरि लिट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | took |
| वपुर्गुणोच्छ्रायम् | वपुस्–गुण–उच्छ्राय (२.१) | the excellence of the qualities of the body |
| इव | इव | as if |
| अङ्गनाजनः | अङ्गना–जन (१.१) | the group of women |
छन्दः
वंशस्थम् [१२: जतजर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| प्र | वा | ल | भ | ङ्गा | रु | ण | पा | णि | प | ल्ल | वः |
| प | रा | ग | पा | ण्डू | कृ | त | पी | व | र | स्त | नः |
| म | ही | रु | हः | पु | ष्प | सु | ग | न्धि | रा | द | दे |
| व | पु | र्गु | णो | च्छ्रा | य | मि | वा | ङ्ग | ना | ज | नः |
| ज | त | ज | र | ||||||||
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