प्रतिबोधजृम्भणविभिन्नमुखी
पुलिने सरोरुहदृशा ददृशे ।
पतदच्छमौक्तिकमणिप्रकरा
गलदश्रुबिन्दुरिव शुक्तिवधूः ॥
प्रतिबोधजृम्भणविभिन्नमुखी
पुलिने सरोरुहदृशा ददृशे ।
पतदच्छमौक्तिकमणिप्रकरा
गलदश्रुबिन्दुरिव शुक्तिवधूः ॥
पुलिने सरोरुहदृशा ददृशे ।
पतदच्छमौक्तिकमणिप्रकरा
गलदश्रुबिन्दुरिव शुक्तिवधूः ॥
अन्वयः
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सरोरुहदृशा पुलिने प्रतिबोधजृम्भणविभीनमुखी पतदच्छमौक्तिकमणिप्रकरा शुक्तिवधूः गलदश्रुबिन्दुः इव ददृशे ।
English Summary
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By him of lotus-eyes (Arjuna), an oyster-shell was seen on the bank, its mouth opened as if yawning upon waking. With its cluster of clear falling pearls, it looked like a bride shedding teardrops.
सारांश
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नदी तट पर खिली हुई सीपियां ऐसी लग रही थीं जैसे विरह में व्याकुल कोई सुंदरी हो, जिसके गिरते हुए स्वच्छ मोती आंसुओं की बूंदों के समान प्रतीत हो रहे थे।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
प्रतिबोधेति ॥ प्रतिबोधः स्फुटनं निद्रापगमश्च तत्र यज्जृम्भणमुच्छूनता जुम्भा च तेन विभिन्नमुखी विश्लिष्टाग्रा विवृतास्या च। अतएव पतन्प्रसरन्नच्छो मौक्तिकमणीनां प्रकरः स्तोमो यस्याः सा तथोक्ता । अतएव गलदश्रुबिन्दुरिव स्थितेत्युत्प्रेक्षा । शुक्तिर्वधूरिव शुक्तिवधूः। पुलिने । शयनीय इवेति भावः । सरोरुहदृशार्जुनेन ददृशे दृष्टा । अत्र प्रतिबोधादिश्लिष्टपदोपात्तानां प्रकृतानां शुत्तिवध्वोश्चोपमारूपकयोः साधकबाधकाभावात्संदेहालंकारः । तत्सापेक्षा चाशुगलनोत्प्रेक्षेति तयोरङ्गाङ्गिभावः ।
पदच्छेदः
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| प्रतिबोधजृम्भणविभीनमुखी | प्रतिबोध–जृम्भण–विभीन (वि√भिद्+क्त)–मुख (१.१) | whose mouth was opened by the yawning of awakening |
| पुलिने | पुलिन (७.१) | on the bank |
| सरोरुहदृशा | सरोरुह–दृश् (३.१) | by him of lotus-eyes (Arjuna) |
| ददृशे | ददृशे (√दृश् भावकर्मणोः लिट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | was seen |
| पतदच्छमौक्तिकमणिप्रकरा | पतत् (√पत्+शतृ)–अच्छ–मौक्तिक–मणि–प्रकर (१.१) | from which a cluster of clear pearls was falling |
| गलदश्रुबिन्दुः | गलत् (√गल्+शतृ)–अश्रु–बिन्दु (१.१) | shedding teardrops |
| इव | इव | like |
| शुक्तिवधूः | शुक्ति–वधू (१.१) | the oyster-bride |
छन्दः
प्रमिताक्षरा [१२: सजसस]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| प्र | ति | बो | ध | जृ | म्भ | ण | वि | भि | न्न | मु | खी |
| पु | लि | ने | स | रो | रु | ह | दृ | शा | द | दृ | शे |
| प | त | द | च्छ | मौ | क्ति | क | म | णि | प्र | क | रा |
| ग | ल | द | श्रु | बि | न्दु | रि | व | शु | क्ति | व | धूः |
| स | ज | स | स | ||||||||
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