संमूर्छतां रजतभित्तिमयूखजालै-
रालोकपादपलतान्तरनिर्गतानाम् ।
घर्मद्युतेरिह मुहुः पटलानि धाम्ना-
मादर्शमण्डलनिभानि समुल्लसन्ति ॥
संमूर्छतां रजतभित्तिमयूखजालै-
रालोकपादपलतान्तरनिर्गतानाम् ।
घर्मद्युतेरिह मुहुः पटलानि धाम्ना-
मादर्शमण्डलनिभानि समुल्लसन्ति ॥
रालोकपादपलतान्तरनिर्गतानाम् ।
घर्मद्युतेरिह मुहुः पटलानि धाम्ना-
मादर्शमण्डलनिभानि समुल्लसन्ति ॥
अन्वयः
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इह आलोकपादपलतान्तरनिर्गतानां घर्मद्युतेः धाम्नां पटलानि रजतभित्तिमयूखजालैः संमूर्छतां (सन्ति) मुहुः आदर्शमण्डलनिभानि समुल्लसन्ति।
English Summary
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Here, patches of the sun's light, emerging through the gaps between the Aloka trees and creepers, blend with the web of rays from the silver walls. These patches repeatedly shine brightly, resembling the circular surface of a mirror.
सारांश
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यहाँ वृक्षों और लताओं के बीच से निकली हुई सूर्य की किरणों के समूह, पर्वत की चाँदी जैसी शिलाओं की चमक से मिलकर दर्पण के मंडलों के समान बार-बार चमक रहे हैं।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
संमूर्च्छतामिति ॥ इहाद्रौ रजतभित्तिमयूखजालैः संमूर्च्छतां बहुलीभवतामालोलानां पादपलतानां तरुशाखानामन्तरेषु रन्ध्रेषु निर्गतानां प्रसूतानां धर्मद्युतेरुष्णांशोर्धाम्नां तेजसामादर्शमण्डलनिभानि दर्पणबिम्बसदृशानीत्युपमालंकारः । पटलानि म ण्डलानि मुहुर्वारंवारं समुल्लसन्ति पुनः पुनः स्फुरन्ति । न तु सातत्येन । लतानामालोलत्वाभावात् । तच्च नान्यत्र मृत्पाषाणादिप्राये संभवतीति भावः ॥
पदच्छेदः
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| संमूर्छताम् | संमूर्छत् (सम्√मूर्छ्+शतृ, ६.३) | blending |
| रजतभित्तिमयूखजालैः | रजत–भित्ति–मयूख–जाल (३.३) | with the web of rays from the silver walls |
| आलोकपादपलतान्तरनिर्गतानाम् | आलोक–पादप–लता–अन्तर–निर्गत (निर्√गम्+क्त, ६.३) | of those emerging from the gaps between the Aloka trees and creepers |
| घर्मद्युतेः | घर्मद्युति (६.१) | of the sun |
| इह | इह | here |
| मुहुः | मुहुस् | repeatedly |
| पटलानि | पटल (१.३) | the patches |
| धाम्नाम् | धामन् (६.३) | of the light |
| आदर्शमण्डलनिभानि | आदर्श–मण्डल–निभ (१.३) | resembling the disc of a mirror |
| समुल्लसन्ति | समुल्लसन्ति (सम्+उद्√लस् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | shine brightly |
छन्दः
वसन्ततिलका [१४: तभजजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| सं | मू | र्छ | तां | र | ज | त | भि | त्ति | म | यू | ख | जा | लै |
| रा | लो | क | पा | द | प | ल | ता | न्त | र | नि | र्ग | ता | नाम् |
| घ | र्म | द्यु | ते | रि | ह | मु | हुः | प | ट | ला | नि | धा | म्ना |
| मा | द | र्श | म | ण्ड | ल | नि | भा | नि | स | मु | ल्ल | स | न्ति |
| त | भ | ज | ज | ग | ग | ||||||||
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