अन्वयः
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रसपरा परास्तवसुधा सुधाधिवसतिः सनाकवनितं नितम्बरुचिरं सुनिनदैः नदैः चिरं वृतम् फलवतः अवतः अमुं मता।
English Summary
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Heaven itself, though it protects and is fruitful, is considered inferior to this mountain by those devoted to pleasure. This mountain is frequented by celestial women, has charming slopes, and is eternally surrounded by pleasantly roaring rivers.
सारांश
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देवांगनाओं से युक्त, सुंदर नितम्बों वाले प्रदेशों से सुशोभित और नदियों के मधुर स्वर से गुंजायमत यह हिमालय पृथ्वी के अमृत के समान है, जो यहाँ रहने वालों को मनोवांछित फल देता है।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
सनाकेति ॥ पुनश्च । सनाकवनितं साप्सरस्कं नितम्बै: कटकै रुचिरं सुनिनदैः सु घोषैर्नदैः प्रवाहैर्वृतममुम् । अमुष्मिन्गिरावित्यर्थः ।
उपान्वध्याङ्वसः (अष्टाध्यायी १.४.४८ ) इति कर्मत्वम् । अवतोऽधोलोकरक्षकस्य फणवतो नागराजस्य मतेष्टा । मतिबुद्धि- (अष्टाध्यायी ३.२.१८८ ) इत्यादिना वर्तमाने क्तः । तद्योगात्षष्ठी । रसेन स्वादेन परोत्कृष्टा परास्तवसुधा त्यक्तभूलोका सुधामृतं चिरमधिवसति। अतोऽन्यत्र भूमण्डले कुत्रापि सुधा नास्तीत्यर्थः । मेरुप्रतिभटोऽयं गिरिरिति भावः । अत्र प्रस्तुतविशेषणसामर्थ्यादप्रस्तुतमेरुप्रतीतेः समासोक्तिरलंकारः । स च यमकेन संसृज्यते । जलोद्धतगतिवृत्तम्-रसैर्जसजसा जलोद्धतगतिः इति लक्षणात् ॥
पदच्छेदः
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| सनाकवनितम् | स–नाकवनिता (२.१) | with celestial women |
| नितम्बरुचिरम् | नितम्ब–रुचिर (२.१) | charming with its slopes |
| चिरम् | चिरम् | for a long time |
| सुनिनदैः | सु–निनद (३.३) | with pleasant-sounding |
| नदैः | नद (३.३) | by rivers |
| वृतम् | वृत (√वृ+क्त, २.१) | surrounded |
| अमुम् | अदस् (२.१) | this (mountain) |
| मता | मत (√मन्+क्त, १.१) | is preferred |
| फलवतः | फलवत् (५.१) | than the fruitful |
| अवतः | अवत् (√अव्+शतृ, ५.१) | than the protecting (heaven) |
| रसपरा | रस–परा (१.१) | devoted to pleasure |
| परास्तवसुधा | परास्त–वसुधा (१.१) | who has surpassed the earth in riches |
| सुधाधिवसतिः | सुधा–धिवसति (१.१) | the abode of nectar (heaven) |
छन्दः
जलोद्धतगतिः [१२: जसजस]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | ना | क | व | नि | तं | नि | त | म्ब | रु | चि | रं |
| चि | रं | सु | नि | न | दै | र्न | दै | र्वृ | त | म | मुम् |
| म | ता | फ | ल | व | तो | ऽव | तो | र | स | प | रा |
| प | रा | स्त | व | सु | धा | सु | धा | धि | व | स | ति |
| ज | स | ज | स | ||||||||
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