अन्वयः
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अमुना क्षितिभृता जगती (पर्वतः) जगतीम् (पृथ्वीम्) समतीत्य भाति। कीदृशीं पृथ्वीम्? नयवता अयवता निधिगुह्यकाधिपरमैः परमैः सदा सुलभैः धनैः अतिभृताम्।
English Summary
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This mountain shines, surpassing the earth, even though the earth is filled with supreme wealth—always accessible, governed by prudence and good fortune, and having Kubera and Lakshmi as its chief deities.
सारांश
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कुबेर की निधियों से भी श्रेष्ठ और नीतिवान पुरुषों के लिए सुलभ धन-संपदा से परिपूर्ण यह पर्वत अपनी महिमा में संपूर्ण जगत को पीछे छोड़ देता है।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
सुलभैरिति । नयवता नीतिमतायवता भाग्यवता च सदा सुलभैः । नान्यैरित्यर्थः।
अयः शुभावहो विधिः इत्यमरः । निधीनां महापद्मादीनाम् । अस्त्री पद्मो महापद्मः शङ्खो मकरकच्छपौ। मुकुन्दकुन्दनीलाश्च खर्वश्च निधयो नव ॥ इत्यमरः (अमरकोशः १.१.८७ ) । गुह्यकानां चाधिपं कुबेरं रमयन्तीति तथोक्तैः । कर्मण्यण् (अष्टाध्यायी ३.२.१ ) । परमैरुत्कृष्टैर्धनैः करणैः अमुना क्षितिभृता हिमाद्रिणातिभृता पूर्णा सती जगती मही जगती स्वर्गपाताललोकौ समतीत्यातिक्रम्य भाति । अमानुषैरपि दुर्लभाः संपदोऽत्र संभवन्तीति भावः । अत्र धनातिभृतेति पदार्थस्य विशेषणगत्या जगदतिक्रमणहेतुत्वोक्त्या काव्यलिङ्गम् । तस्य यमकेन संसृष्टिः। प्रमिताक्षरावृत्तम्-प्रमिताक्षरा सजससैरुदिता इति लक्षणात् ॥ अखिलमिदममुष्य गौरीगुरोस्त्रिभुवनमपि नैति मन्ये तुलाम् । अधिवसति सदा यदेनं जनैरविदितविभवो भवानीपतिः
पदच्छेदः
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| सुलभैः | सुलभ (३.३) | by the easily accessible |
| सदा | सदा | always |
| नयवता | नयवत् (३.३) | by the prudent |
| अयवता | अयवत् (३.३) | by the fortunate |
| निधिगुह्यकाधिपरमैः | निधि–गुह्यक–अधिप–रम (३.३) | by those whose chief deities are Kubera and Lakshmi |
| परमैः | परम (३.३) | by the supreme |
| अमुना | अदस् (३.१) | by this |
| धनैः | धन (३.३) | with wealth |
| क्षितिभृता | क्षितिभृत् (३.१) | by the mountain |
| अतिभृता | अतिभृत (अति√भृ+क्त, २.१) | greatly supported |
| समतीत्य | समतीत्य (सम्+अति√इ+ल्यप्) | having surpassed |
| भाति | भाति (√भा कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | shines |
| जगती | जगती (१.१) | the mountain |
| जगती | जगती (२.१) | the earth |
छन्दः
प्रमिताक्षरा [१२: सजसस]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| सु | ल | भैः | स | दा | न | य | व | ता | य | व | ता |
| नि | धि | गु | ह्य | का | धि | प | र | मैः | प | र | मैः |
| अ | मु | ना | ध | नैः | क्षि | ति | भृ | ता | ति | भृ | ता |
| स | म | ती | त्य | भा | ति | ज | ग | ती | ज | ग | ती |
| स | ज | स | स | ||||||||
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