अन्वयः
AI
(सः) रहितरत्नचयान् शिलोच्चयान् न, अफलताभवनाः दरीभुवः न, विपुलिनाम्बुरुहाः सरिद्वधूः न, अकुसुमान् महीरुहः न दधतम् (हिमाचलम् अभिययौ)।
English Summary
AI
(He approached the Himalaya) which bore no mountains devoid of gem clusters, no cave regions that were fruitless, no river-brides without sandbanks and lotuses, and no trees without flowers.
सारांश
AI
उस पर्वत पर कोई भी शिखर मणियों से रहित, कोई गुफा फलों से विहीन, कोई नदी कमलों के बिना और कोई वृक्ष फूलों से खाली नहीं था।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
रहितेति । पुनश्च । रहितरत्नचयान् रहितः परित्यक्तो रत्नचयो यैस्तान् रत्नराशिरहिताञ्छिलोच्चयाञ्छिखराणि न दधतम् । अपलताभवना लतागृहरहितां दरीभुवो गुहाप्रदेशान्न दधतम् ।
दरी तु कंदरो वा स्त्रीदेवखातविले गुहा इत्यमरः (अमरकोशः २.३.६ ) । विगतानि पुलिनान्यम्बुरुहाणि च यासां ताः। सरितो वध्व इव ताः सरिद्वधूर्न दधतम् । अत्र सरितां वध्वौपम्यात्पुलिनानामम्बुरुहाणां च वदनजघनौपम्यं गम्यते । अकुसुमान्महीरुहोवृक्षान्न दधतम् । किंतु रत्नादिसंपन्नानेव शिलोच्चयादीन्दधतमित्यर्थः । महाविभाषया नात्र नञ्समासः॥
पदच्छेदः
AI
| रहितरत्नचयान् | रहित–रत्न–चय (२.३) | devoid of gem clusters |
| न | न | not |
| शिलोच्चयान् | शिलोच्चय (२.३) | mountains |
| फलताभवनाः | अफलता–भवन (१.३) | places of fruitlessness |
| न | न | not |
| दरीभुवः | दरी–भू (१.३) | cave regions |
| विपुलिनाम्बुरुहाः | वि–पुलिन–अम्बुरुह (१.३) | without sandbanks and lotuses |
| न | न | not |
| सरिद्वधूः | सरित्–वधू (१.३) | river-brides |
| अकुसुमान् | अकुसुमान् (२.३) | without flowers |
| दधतम् | दधत् (√धा+शतृ, २.१) | bearing |
| न | न | not |
| महीरुहः | महीरुह (२.३) | trees |
छन्दः
द्रुतविलम्बितम् [१२: नभभर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| र | हि | त | र | त्न | च | या | न्न | शि | लो | च्च | या |
| न | फ | ल | ता | भ | व | ना | न | द | री | भु | वः |
| वि | पु | लि | ना | म्बु | रु | हा | न | स | रि | द्व | धू |
| र | कु | सु | मा | न्द | ध | तं | न | म | ही | रु | हः |
| न | भ | भ | र | ||||||||
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.