नुनोद तस्य स्थलपद्मिनीगतं
वितर्कमाविष्कृतफेनसंतति ।
अवाप्तकिञ्जल्कविभेदमुच्चकै-
र्विवृत्तपाठीनपराहतं पयः ॥
नुनोद तस्य स्थलपद्मिनीगतं
वितर्कमाविष्कृतफेनसंतति ।
अवाप्तकिञ्जल्कविभेदमुच्चकै-
र्विवृत्तपाठीनपराहतं पयः ॥
वितर्कमाविष्कृतफेनसंतति ।
अवाप्तकिञ्जल्कविभेदमुच्चकै-
र्विवृत्तपाठीनपराहतं पयः ॥
अन्वयः
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आविष्कृत-फेन-संतति, अवाप्त-किञ्जल्क-विभेदम्, उच्चकैः विवृत्त-पाठीन-पराहतम् पयः तस्य स्थलपद्मिनी-गतम् वितर्कम् नुनोद ।
English Summary
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The water, struck by a large turning fish, dispelled his conjecture about land-lotuses. The water revealed a line of foam, scattered the lotus filaments, and was forcefully agitated.
सारांश
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बड़ी मछलियों की उछाल से उत्पन्न फेन और केसर युक्त जल ने अर्जुन के उस भ्रम को मिटा दिया कि वे जल में खिले स्थल-कमल देख रहे हैं।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
नुनोदेति । आविष्कृता प्रकटीकृता फेनसंततिर्हिण्डीरसमूहो यस्य तत्तथोक्तम्।
हिण्डीरोऽब्धिकफः फेनः इत्यमरः । अवाप्तः किंजल्कविभेदः केसरापगमो येन तत्तथोक्तम् । कुतः ! उच्चकैरुञ्चकं यथा तथा विवृत्तेन लुठितेन पाठीनेन मत्स्यविशेषेण । पराहतं ताडितम् ।सहस्त्रदंष्ट्रः पाठीनः इत्यमरः ।पयः कर्तृ तस्यार्जुनस्य स्थलपद्मिनीगतम् । तद्गोचरमित्यर्थः । वितर्कं संशयं नुनोद चिच्छेदं । पाठीनपराहत्या किञ्जल्कापायेन जलदर्शनात्स्थलपद्मिनीशङ्का निवृत्तेत्यर्थः। अत्र निश्चयोत्तरसंदेहालंकारः।
पदच्छेदः
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| नुनोद | नुनोद (√नुद् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | dispelled |
| तस्य | तद् (६.१) | his |
| स्थलपद्मिनीगतम् | स्थलपद्मिनी–गत (√गम्+क्त, २.१) | related to land-lotuses |
| वितर्कम् | वितर्क (२.१) | conjecture |
| आविष्कृतफेनसंतति | आविष्कृत (आविस्√कृ+क्त)–फेन–संतति (१.१) | which revealed an expanse of foam |
| अवाप्तकिञ्जल्कविभेदम् | अवाप्त (अव√आप्+क्त)–किञ्जल्क–विभेद (१.१) | which scattered the filaments |
| उच्चकैः | उच्चैस् | forcefully |
| विवृत्तपाठीनपराहतम् | विवृत्त–पाठीन–पराहत (परा√हन्+क्त, १.१) | struck by a large turning fish |
| पयः | पयस् (१.१) | the water |
छन्दः
वंशस्थम् [१२: जतजर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| नु | नो | द | त | स्य | स्थ | ल | प | द्मि | नी | ग | तं |
| वि | त | र्क | मा | वि | ष्कृ | त | फे | न | सं | त | ति |
| अ | वा | प्त | कि | ञ्ज | ल्क | वि | भे | द | मु | च्च | कै |
| र्वि | वृ | त्त | पा | ठी | न | प | रा | ह | तं | प | यः |
| ज | त | ज | र | ||||||||
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