तुतोष पश्यन् कलमस्य सोऽधिकं
सवारिजे वारिणि रामणीयकम् ।
सुदुर्लभे नार्हति कोऽभिनन्दितुं
प्रकर्षलक्ष्मीमनुरूपसङ्गमे ॥
तुतोष पश्यन् कलमस्य सोऽधिकं
सवारिजे वारिणि रामणीयकम् ।
सुदुर्लभे नार्हति कोऽभिनन्दितुं
प्रकर्षलक्ष्मीमनुरूपसङ्गमे ॥
सवारिजे वारिणि रामणीयकम् ।
सुदुर्लभे नार्हति कोऽभिनन्दितुं
प्रकर्षलक्ष्मीमनुरूपसङ्गमे ॥
अन्वयः
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सः स-वारिजे वारिणि कलमस्य रामणीयकम् पश्यन् अधिकम् तुतोष । हि अनुरूप-सङ्गमे सुदुर्लभे (सति) कः प्रकर्ष-लक्ष्मीम् अभिनन्दितुम् न अर्हति?
English Summary
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He was greatly pleased seeing the beauty of the rice paddies in the water filled with lotuses. Indeed, who would not celebrate the height of beauty found in such a rare and fitting union?
सारांश
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कमलों से युक्त जल में धान के प्रतिबिंब की सुंदरता देखकर अर्जुन संतुष्ट हुए; क्योंकि अनुरूप वस्तुओं का मिलन सदैव प्रशंसनीय होता है।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
तुतोषेति ॥ सोऽर्जुनः सवारिजे साम्बुजे वारिणि कलमस्य शालिविशेषत्य ।
शालयः कलमाद्याश्च षष्टिकाद्याश्च पुंस्यमी इत्यमरः (अमरकोशः २.९.२५ ) रमणीयस्य भावो रामणीयकम् । योपधाद्गुरूपोत्तमाद्बुञ् । तत्पश्यन्नधिकं तुतोष । अनुरूपसंगमादिति भावः । तथाहि । सुदुर्लभेऽनुरूपसंगमे योग्यसमागमे लब्धे । सतीति शेषः । प्रकर्षलक्ष्मीं योग्यसमागमननिमित्तामुत्कर्षसंपदममिनन्दितुं स्तोतुं को नार्हति । सर्वोऽप्यभिनन्दत्येवेत्यर्थः। सामान्येन विशेषसमर्थनरूपोऽर्थान्तरन्यासः ॥
पदच्छेदः
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| तुतोष | तुतोष (√तुष् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | was pleased |
| पश्यन् | पश्यत् (√दृश्+शतृ, १.१) | seeing |
| कलमस्य | कलम (६.१) | of the rice paddy |
| सः | तद् (१.१) | he |
| अधिकम् | अधिकम् | greatly |
| सवारिजे | स–वारिज (७.१) | with lotuses |
| वारिणि | वारि (७.१) | in the water |
| रामणीयकम् | रामणीयक (२.१) | the beauty |
| सुदुर्लभे | सुदुर्लभ (७.१) | very rare |
| न | न | not |
| अर्हति | अर्हति (√अर्ह् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | deserves |
| कः | किम् (१.१) | who |
| अभिनन्दितुम् | अभिनन्दितुम् (अभि√नन्द्+तुमुन्) | to celebrate |
| प्रकर्षलक्ष्मीम् | प्रकर्ष–लक्ष्मी (२.१) | the height of beauty |
| अनुरूपसङ्गमे | अनुरूप–सङ्गम (७.१) | in a fitting union |
छन्दः
वंशस्थम् [१२: जतजर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| तु | तो | ष | प | श्य | न्क | ल | म | स्य | सो | ऽधि | कं |
| स | वा | रि | जे | वा | रि | णि | रा | म | णी | य | कम् |
| सु | दु | र्ल | भे | ना | र्ह | ति | को | ऽभि | न | न्दि | तुं |
| प्र | क | र्ष | ल | क्ष्मी | म | नु | रू | प | स | ङ्ग | मे |
| ज | त | ज | र | ||||||||
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