धर्मात्मजो धर्मनिबन्धिनीनां
प्रसूतिमेनःप्रणुदां श्रुतीनाम् ।
हेतुं तदभ्यागमने परीप्सुः
सुखोपविष्टं मुनिमाबभाषे ॥
धर्मात्मजो धर्मनिबन्धिनीनां
प्रसूतिमेनःप्रणुदां श्रुतीनाम् ।
हेतुं तदभ्यागमने परीप्सुः
सुखोपविष्टं मुनिमाबभाषे ॥
प्रसूतिमेनःप्रणुदां श्रुतीनाम् ।
हेतुं तदभ्यागमने परीप्सुः
सुखोपविष्टं मुनिमाबभाषे ॥
अन्वयः
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धर्म-आत्मजः धर्म-निबन्धिनीनां एनः-प्रणुदाम् श्रुतीनां प्रसूतिं (तम्), सुख-उपविष्टं मुनिम् तत्-अभ्यागमने हेतुं परीप्सुः (सन्) आबभाषे ।
English Summary
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The son of Dharma (Yudhishthira), desiring to know the reason for his arrival, addressed the sage—who was the very source of the sin-destroying scriptures connected with Dharma—as he sat comfortably.
सारांश
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धर्मपुत्र युधिष्ठिर ने वेदों के उत्पत्ति-स्थान और पापों का नाश करने वाले उन मुनि के आगमन का कारण जानने की इच्छा से, सुखपूर्वक बैठे हुए व्यास जी से विनयपूर्वक बात की।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
धर्मेति ॥ पुनर्धर्मं निबध्नन्तीति धर्मनिबन्धिनीनामग्निहोत्रादिधर्मप्रतिपादिकाम् । एनःप्रणुदामधच्छिदाम् । क्विप् । श्रुतीनां वेदानाम् ।
श्रुतिः स्त्री वेद आम्नांसांइत्यमरः (अमरकोशः १.६.३ ) । प्रसूतिं प्रभवं सुखेनोपविष्टं मुनिं तदभ्यागमने तस्य मुनेरागमने हेतुम् । आप्सुर्जिज्ञासुः । आप्नोतेः सन्नन्तादुप्रत्ययः । 'आप्ज्ञप्वृधामीत्'इतीकारः।अत्र लों वृऽभ्यासस्य' इत्यभ्यासलोपः। आबभाष उवाच । अनाप्तपुण्योपचयैर्दुरापा फलस्य निर्धूतरजाः सवित्री। तुल्या भवद्दर्शनसंपदेषा वृष्टेर्दिवो वीतबलाहकायाः
पदच्छेदः
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| धर्मात्मजः | धर्म–आत्मज (१.१) | the son of Dharma (Yudhishthira) |
| धर्मनिबन्धिनीनाम् | धर्म–निबन्धिनी (६.३) | of those connected with Dharma |
| प्रसूतिम् | प्रसूति (प्र√सू+क्तिन्, २.१) | the source |
| एनःप्रणुदाम् | एनस्–प्रणुद् (६.३) | of those that drive away sin |
| श्रुतीनाम् | श्रुति (६.३) | of the sacred texts |
| हेतुम् | हेतु (२.१) | the reason |
| तदभ्यागमने | तत्–अभ्यागमन (७.१) | in his arrival |
| परीप्सुः | परीप्सु (परि√आप्+सन्+उ, १.१) | desirous of knowing |
| सुखोपविष्टम् | सुख–उपविष्ट (२.१) | comfortably seated |
| मुनिम् | मुनि (२.१) | the sage |
| आबभाषे | आबभाषे (आ√भाष् कर्तरि लिट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | spoke to |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ध | र्मा | त्म | जो | ध | र्म | नि | ब | न्धि | नी | नां |
| प्र | सू | ति | मे | नः | प्र | णु | दां | श्रु | ती | नाम् |
| हे | तुं | त | द | भ्या | ग | म | ने | प | री | प्सुः |
| सु | खो | प | वि | ष्टं | मु | नि | मा | ब | भा | षे |
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