वियति वेगपरिप्लुतमन्तरा
समभिसृत्य रयेण कपिध्वजः ।
चरणयोश्चरणानमितक्षिति-
र्निजगृहे तिसृणां जयिनं पुराम् ॥
वियति वेगपरिप्लुतमन्तरा
समभिसृत्य रयेण कपिध्वजः ।
चरणयोश्चरणानमितक्षिति-
र्निजगृहे तिसृणां जयिनं पुराम् ॥
समभिसृत्य रयेण कपिध्वजः ।
चरणयोश्चरणानमितक्षिति-
र्निजगृहे तिसृणां जयिनं पुराम् ॥
अन्वयः
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चरणानमितक्षितिः कपिध्वजः वियति वेगपरिप्लुतम् तिसृणाम् पुराम् जयिनम् अन्तरा रयेण सम् अभिसृत्य चरणयोः निजगृहे ।
English Summary
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Arjuna, the one with the monkey banner, whose feet did not touch the ground, swiftly approached the conqueror of the three cities (Shiva) who was leaping in the sky with great speed, and in mid-air, seized him by the feet.
सारांश
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आकाश में वेग से उछलकर अर्जुन ने झपटते हुए त्रिपुरासुर के विजेता शिव के चरणों को पकड़ लिया और अपने पैरों के भार से पृथ्वी को दबा दिया।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
वियतीति ॥ वियत्यन्तरिक्षे वेगेन परिप्लुतमुत्पतितं तिसृणां पुरां जयिनं त्रिपुरान्तकम् ।
जिदृक्षि- (अष्टाध्यायी ३.२.१५७ ) इत्यादिनेनिप्रत्ययः । कपिध्वजोऽर्जुनश्चरणाभ्यां पादाभ्यामानमितक्षितिः सन् । रयेण वेगेन समभिसृत्याभिद्रुत्यान्तरा मध्येमार्गं चरणयोः पदयोर्निजगृहे निगृहीतवान् । उत्पतितस्य भगवतश्चरणौ स्वकरवभ्यां जग्राहेत्यर्थः ॥
पदच्छेदः
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| वियति | वियत् (७.१) | in the sky |
| वेगपरिप्लुतम् | वेग–परिप्लुत (परि√प्लु+क्त, २.१) | leaping with speed |
| अन्तरा | अन्तरा | in the middle/mid-air |
| सम् अभिसृत्य | समभिसृत्य (सम्+अभि√सृ+ल्यप्) | having approached |
| रयेण | रय (३.१) | with speed |
| कपिध्वजः | कपिध्वज (१.१) | the monkey-bannered one (Arjuna) |
| चरणयोः | चरण (७.२) | by the feet |
| चरणानमितक्षितिः | चरण–अनमित (आ√नम्+णिच्+क्त)–क्षिति (१.१) | he whose feet did not touch the earth |
| निजगृहे | निजगृहे (नि√ग्रह् कर्तरि लिट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | seized |
| तिसृणाम् | त्रि (६.३) | of the three |
| जयिनम् | जयिन् (२.१) | the conqueror |
| पुराम् | पुर (६.३) | of cities |
छन्दः
द्रुतविलम्बितम् [१२: नभभर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| वि | य | ति | वे | ग | प | रि | प्लु | त | म | न्त | रा |
| स | म | भि | सृ | त्य | र | ये | ण | क | पि | ध्व | जः |
| च | र | ण | यो | श्च | र | णा | न | मि | त | क्षि | ति |
| र्नि | ज | गृ | हे | ति | सृ | णां | ज | यि | नं | पु | राम् |
| न | भ | भ | र | ||||||||
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