शरानवद्यन्ननवद्यकर्मा
चचार चित्रं प्रविचारमार्गैः ।
हस्तेन निस्त्रिंशभृता स दीप्तः
सार्कांशुना वारिधिरूर्मिणेव ॥
शरानवद्यन्ननवद्यकर्मा
चचार चित्रं प्रविचारमार्गैः ।
हस्तेन निस्त्रिंशभृता स दीप्तः
सार्कांशुना वारिधिरूर्मिणेव ॥
चचार चित्रं प्रविचारमार्गैः ।
हस्तेन निस्त्रिंशभृता स दीप्तः
सार्कांशुना वारिधिरूर्मिणेव ॥
अन्वयः
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अनवद्य-कर्मा सः (अर्जुनः), शरान् अवद्यन्, निस्त्रिंश-भृता हस्तेन, स-अर्क-अंशुना ऊर्मिणा वारिधिः इव, दीप्तः (सन्) प्रविचार-मार्गैः चित्रम् चचार।
English Summary
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That warrior of flawless deeds (Arjuna), while cutting down arrows, moved in various patterns. He shone, with his sword-wielding hand, like the ocean with a wave lit by the sun's rays.
सारांश
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अचूक कर्म करने वाले अर्जुन तलवार लेकर शिव के बाणों को काटते हुए युद्ध-क्षेत्र में इस प्रकार विचरने लगे, जैसे सूर्य की किरणों से चमकती लहरों वाला समुद्र सुशोभित होता है।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
शरानिति ॥ अनवकर्मागर्ह्यकर्मा ।
अवद्यपण्य- (अष्टाध्यायी ३.१.१०१ ) इत्यादिना निपातः । शरानवद्यन्खण्डयन्वीरो निस्त्रिंशभृता खड्गयुक्तेन हस्तेन सार्काम्शुनार्काम्शुसहितेनोर्मिणा तरङ्गेण वारिधिरिव दीप्तो दीपितः सोऽर्जुनः प्रविचारमार्गै: स्वङ्गिनां गतिभेदैश्चित्रं यथा तथा चचार॥
पदच्छेदः
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| शरान् | शर (२.३) | arrows |
| अवद्यन् | अवद्यत् (अव√दो+शतृ, १.१) | cutting down |
| अनवद्यकर्मा | अनवद्य–कर्मन् (१.१) | he of flawless deeds |
| चचार | चचार (√चर् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | moved |
| चित्रम् | चित्रम् | in various patterns |
| प्रविचारमार्गैः | प्रविचार–मार्ग (३.३) | through tactical movements |
| हस्तेन | हस्त (३.१) | with his hand |
| निस्त्रिंशभृता | निस्त्रिंश–भृत् (३.१) | wielding a sword |
| सः | तद् (१.१) | he |
| दीप्तः | दीप्त (√दीप्+क्त, १.१) | shining |
| सार्कांशुना | स–अर्क–अंशु (३.१) | with the sun's rays |
| वारिधिः | वारिधि (१.१) | the ocean |
| ऊर्मिणा | ऊर्मि (३.१) | with a wave |
| इव | इव | like |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| श | रा | न | व | द्य | न्न | न | व | द्य | क | र्मा |
| च | चा | र | चि | त्रं | प्र | वि | चा | र | मा | र्गैः |
| ह | स्ते | न | नि | स्त्रिं | श | भृ | ता | स | दी | प्तः |
| सा | र्कां | शु | ना | वा | रि | धि | रू | र्मि | णे | व |
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