ततोऽग्रभूमिं व्यवसायसिद्धेः
सीमानमन्यैरतिदुस्तरं सः ।
तेजःश्रियामाश्रयमुत्तमासिं
साक्षादहंकारमिवाललम्बे ॥
ततोऽग्रभूमिं व्यवसायसिद्धेः
सीमानमन्यैरतिदुस्तरं सः ।
तेजःश्रियामाश्रयमुत्तमासिं
साक्षादहंकारमिवाललम्बे ॥
सीमानमन्यैरतिदुस्तरं सः ।
तेजःश्रियामाश्रयमुत्तमासिं
साक्षादहंकारमिवाललम्बे ॥
अन्वयः
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ततः सः (अर्जुनः) व्यवसाय-सिद्धेः अग्र-भूमिम्, अन्यैः अति-दुस्तरम् सीमानम्, तेजः-श्रियाम् आश्रयम्, उत्तम-असिम्, साक्षात् अहंकारम् इव, आललम्बे।
English Summary
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Then, he (Arjuna) grasped his excellent sword—which was the foremost ground for achieving success, a boundary very difficult for others to cross, and the repository of splendor and glory—as if grasping his own personified pride.
सारांश
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तदुपरांत अर्जुन ने अपनी संकल्प-सिद्धि के लिए उस श्रेष्ठ तलवार को धारण किया, जो तेज का पुंज और साक्षात् अहंकार के समान दुर्धर्ष प्रतीत हो रही थी।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
तत इति ॥ ततश्चापान्तर्धानानन्तरं सोऽर्जुनोऽग्रभूमिं विपदि गन्तव्यस्थानम् । शर ण्यमित्यर्थः। कुतः। व्यवसायसिद्धेर्युद्धोद्योगसिद्धे: सीमानमवधिम्। साधकतममित्यर्थः। अन्यैः परैरतिदुस्तरं दुरतिक्रमं तेजःश्रियां प्रतापसंपदामाश्रयम् । हेतुमित्यर्थः । उत्तमासिं महाखड्गम् ।
सन्महत्- (अष्टाध्यायी २.१.६१ ) इत्यादिना समासः । साक्षादहंकारं सविग्रहमभिमानमिवाललम्बे जग्राह ॥
पदच्छेदः
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| ततः | ततः | Then |
| अग्रभूमिम् | अग्र–भूमि (२.१) | the foremost ground |
| व्यवसायसिद्धेः | व्यवसाय–सिद्धि (६.१) | of achieving success |
| सीमानम् | सीमन् (२.१) | a boundary |
| अन्यैः | अन्य (३.३) | by others |
| अतिदुस्तरम् | अति–दुस्तर (२.१) | very difficult to cross |
| सः | तद् (१.१) | he |
| तेजःश्रियाम् | तेजस्–श्री (६.३) | of splendor and glory |
| आश्रयम् | आश्रय (२.१) | the repository |
| उत्तमासिम् | उत्तम–असि (२.१) | his excellent sword |
| साक्षात् | साक्षात् | personified |
| अहंकारम् | अहंकार (२.१) | pride |
| इव | इव | as if |
| आललम्बे | आललम्बे (आ√लम्ब् कर्तरि लिट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | grasped |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | तो | ऽग्र | भू | मिं | व्य | व | सा | य | सि | द्धेः |
| सी | मा | न | म | न्यै | र | ति | दु | स्त | रं | सः |
| ते | जः | श्रि | या | मा | श्र | य | मु | त्त | मा | सिं |
| सा | क्षा | द | हं | का | र | मि | वा | ल | ल | म्बे |
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