तस्मै हि भारोद्धरणे समर्थं
प्रदास्यता बाहुमिव प्रतापम् ।
चिरं विषेहेऽभिभवस्तदानीं
स कारणानामपि कारणेन ॥
तस्मै हि भारोद्धरणे समर्थं
प्रदास्यता बाहुमिव प्रतापम् ।
चिरं विषेहेऽभिभवस्तदानीं
स कारणानामपि कारणेन ॥
प्रदास्यता बाहुमिव प्रतापम् ।
चिरं विषेहेऽभिभवस्तदानीं
स कारणानामपि कारणेन ॥
अन्वयः
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हि तस्मै भारोद्धरणे समर्थम् प्रतापम् बाहुम् इव प्रदास्यता कारणानाम् अपि कारणेन सः अभिभवः तदानीम् चिरम् विषेहे।
English Summary
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Indeed, that humiliation (of being struck by arrows) was long endured at that time by the Cause of all causes (Shiva), who intended to grant Arjuna a prowess capable of bearing great burdens, as if giving him another powerful arm.
सारांश
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समस्त कारणों के कारण शिव ने अर्जुन के उस प्रहार को लंबे समय तक इसलिए सहा, क्योंकि वे उसे भविष्य का भार उठाने में समर्थ बाहु के समान अपना प्रताप प्रदान करना चाहते थे।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
तस्मै हीति ॥ तस्मै पार्थाय भारस्य भूभारस्योद्धरण उद्वहने समर्थं प्रतापं बाहुमिव । अवष्टम्मतयेति शेषः । अन्यथा भारोद्वहनस्य दुष्करत्वादिति भावः ।
स प्रतापःप्रभावश्च यत्तेजः कोशदण्डजम् इत्यमरः (अमरकोशः २.८.२० ) । प्रदास्यता वितरिष्यता कारणानां ब्रह्मादीनामपि कारणेन जनकेन देवेन सोऽभिभवोऽर्जुनपरिभवस्तदानीं चिरं विषेहे सोढः । वात्सल्यादिति भावः ॥ अथ त्रिभिर्भगवदभिप्रायमाविष्कुर्वम्श्चतुर्भिः कालापकमाह
पदच्छेदः
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| तस्मै | तद् (४.१) | to him (Arjuna) |
| हि | हि | Indeed |
| भारोद्धरणे | भार–उद्धरण (उद्√हृ+ल्युट्, ७.१) | in bearing a great burden |
| समर्थं | समर्थ (२.१) | capable |
| प्रदास्यता | प्रदास्यत् (प्र√दा+लृट्-शतृ, ३.१) | by the one intending to grant |
| बाहुमिव | बाहु (२.१)–इव | like an arm |
| प्रतापम् | प्रताप (२.१) | prowess |
| चिरं | चिरम् | for a long time |
| विषेहे | विषेहे (वि√सह् भावकर्मणोः लिट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | was endured |
| अभिभवस्तदानीं | अभिभवः (१.१)–तदानीम् | the humiliation at that time |
| स | तद् (१.१) | that |
| कारणानामपि | कारण (६.३)–अपि | of causes even |
| कारणेन | कारण (३.१) | by the Cause (Shiva) |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | स्मै | हि | भा | रो | द्ध | र | णे | स | म | र्थं |
| प्र | दा | स्य | ता | बा | हु | मि | व | प्र | ता | पम् |
| चि | रं | वि | षे | हे | ऽभि | भ | व | स्त | दा | नीं |
| स | का | र | णा | ना | म | पि | का | र | णे | न |
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