सम्प्रीयमाणोऽनुबभूव तीव्रं
पराक्रमं तस्य पतिर्गणानाम् ।
विषाणभेदं हिमवानसह्यं
वप्रानतस्येव सुरद्विपस्य ॥
सम्प्रीयमाणोऽनुबभूव तीव्रं
पराक्रमं तस्य पतिर्गणानाम् ।
विषाणभेदं हिमवानसह्यं
वप्रानतस्येव सुरद्विपस्य ॥
पराक्रमं तस्य पतिर्गणानाम् ।
विषाणभेदं हिमवानसह्यं
वप्रानतस्येव सुरद्विपस्य ॥
अन्वयः
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गणानाम् पतिः सम्प्रीयमाणः सन् तस्य तीव्रम् पराक्रमम् अनुबभूव, हिमवान् वप्रानतस्य सुरद्विपस्य असह्यम् विषाणभेदम् इव।
English Summary
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The lord of the Ganas (Shiva), being pleased, experienced Arjuna's intense prowess, just as the Himalaya mountain experiences the unbearable goring of its tusks by the divine elephant (Airavata) as it bends to butt against its slopes.
सारांश
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गणों के स्वामी शिव ने प्रसन्न होते हुए अर्जुन के उस तीव्र पराक्रम का उसी प्रकार अनुभव किया, जैसे हिमालय पर्वत प्रहार के लिए झुके हुए ऐरावत हाथी के असहनीय दांतों की चोट को सहता है।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
समिति ॥ गणानां पतिः शिवस्तीव्रं तस्यार्जुनस्य पराक्रमं वप्रे रोधस्यानतस्य परिणतस्य । तटप्रहारिण इत्यर्थः । सुरद्विपस्यासह्यं विषाणभेदं दन्तप्रहारं हिमवानिव संप्रीयमाणः संहृष्यन्ननुबभूवानुभवति स्म । तस्याक्षोभ्यत्वादनुजिघृक्षुत्वाच्चेति भावः ॥
पदच्छेदः
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| सम्प्रीयमाणो | सम्प्रीयमाण (सम्√प्री+यक्+शानच्, १.१) | Being pleased |
| अनुबभूव | अनुबभूव (अनु√भू कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | experienced |
| तीव्रं | तीव्र (२.१) | the intense |
| पराक्रमं | पराक्रम (२.१) | prowess |
| तस्य | तद् (६.१) | of him (Arjuna) |
| पतिर्गणानाम् | पति (१.१)–गण (६.३) | the lord of the Ganas (Shiva) |
| विषाणभेदं | विषाण–भेद (२.१) | the goring of the tusk |
| हिमवान् | हिमवत् (१.१) | the Himalaya mountain |
| असह्यं | असह्य (√सह्+यत्, २.१) | unbearable |
| वप्रानतस्य | वप्र–आनत (आ√नम्+क्त, ६.१) | of the one bent to butt against the slope |
| इव | इव | like |
| सुरद्विपस्य | सुर–द्विप (६.१) | of the divine elephant (Airavata) |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | म्प्री | य | मा | णो | ऽनु | ब | भू | व | ती | व्रं |
| प | रा | क्र | मं | त | स्य | प | ति | र्ग | णा | नाम् |
| वि | षा | ण | भे | दं | हि | म | वा | न | स | ह्यं |
| व | प्रा | न | त | स्ये | व | सु | र | द्वि | प | स्य |
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