भूरेणुना रासभधूसरेण
तिरोहिते वर्त्मनि लोचनानाम् ।
नास्त्यत्र तेजस्विभिरुत्सुकाना-
मह्नि प्रदोषः सुरसुन्दरीणाम् ॥
भूरेणुना रासभधूसरेण
तिरोहिते वर्त्मनि लोचनानाम् ।
नास्त्यत्र तेजस्विभिरुत्सुकाना-
मह्नि प्रदोषः सुरसुन्दरीणाम् ॥
तिरोहिते वर्त्मनि लोचनानाम् ।
नास्त्यत्र तेजस्विभिरुत्सुकाना-
मह्नि प्रदोषः सुरसुन्दरीणाम् ॥
अन्वयः
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इह रासभधूसरेण भूरेणुना लोचनानाम् वर्त्मनि तिरोहिते (सति), उत्सुकानाम् तेजस्विभिः सुरसुन्दरीणाम् अह्नि प्रदोषः न अस्ति ।
English Summary
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Here, with the path of sight obscured by donkey-grey dust, there is no artificial twilight created during the day for the eager celestial beauties to meet with radiant heroes. (Arjuna notes the absence of conditions for celestial damsels to meet fallen warriors).
सारांश
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गधों के रंग जैसी धूसर धूल से दृष्टि बाधित हो गई है। युद्ध के प्रति उत्सुक वीरों के लिए दिन में ही संध्या जैसा अंधकार छा गया है, जो स्वर्ग की सुंदरियों के लिए मिलन का संकेत है।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
भूरेणुनेति । अत्राहवे रासभो गर्दभस्तद्वद्धूसरेणेषत्पाण्डुना ।
रासभो गर्दभः खरः इत्यमरः । ईषत्पाण्डुस्तु धूसरः इति च । भूरेणुना रजसा लोचनानां वर्त्मनि चक्षुर्मार्गे तिरोहिते सति तेजस्विभिस्तेजस्विषु वीरेषत्सुकानाम् । वीरवरणार्थमागतानामित्यर्थः । प्रसितोत्सुकाभ्यां तृतीया च (अष्टाध्यायी २.३.४४ ) इति विकल्पात्तृतीया । सुरसुन्दरीणामह्नि दिवस एव प्रदोषो रात्रिमुखं नास्ति । अन्धकारवत्त्वाद्दृष्टेस्तिरोधानाद्रात्रिभ्रमः स्यादिति भावः ॥
पदच्छेदः
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| भूरेणुना | भू–रेणु (३.१) | by the dust of the earth |
| रासभधूसरेण | रासभ–धूसर (३.१) | which is grey like a donkey |
| तिरोहिते | तिरोहित (तिरस्√धा+क्त, ७.१) | being concealed |
| वर्त्मनि | वर्त्मन् (७.१) | on the path |
| लोचनानाम् | लोचन (६.३) | of the eyes |
| न | न | not |
| अस्ति | अस्ति (√अस् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | there is |
| अत्र | अत्र | here |
| तेजस्विभिः | तेजस्विन् (३.३) | with the radiant (heroes) |
| उत्सुकानाम् | उत्सुक (६.३) | of the eager |
| अह्नि | अहन् (७.१) | during the day |
| प्रदोषः | प्रदोष (१.१) | twilight (for a tryst) |
| सुरसुन्दरीणाम् | सुर–सुन्दरी (६.३) | for the celestial beauties |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| भू | रे | णु | ना | रा | स | भ | धू | स | रे | ण |
| ति | रो | हि | ते | व | र्त्म | नि | लो | च | ना | नाम् |
| ना | स्त्य | त्र | ते | ज | स्वि | भि | रु | त्सु | का | ना |
| म | ह्नि | प्र | दो | षः | सु | र | सु | न्द | री | णाम् |
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