मुहुश्चलत्पल्लवलोहिनीभि-
रुच्चैः शिखाभिः शिखिनोऽवलीढाः ।
तलेषु मुक्ताविशदा बभूवुः
सान्द्राञ्ज्जनश्यामरुचः पयोदाः ॥
मुहुश्चलत्पल्लवलोहिनीभि-
रुच्चैः शिखाभिः शिखिनोऽवलीढाः ।
तलेषु मुक्ताविशदा बभूवुः
सान्द्राञ्ज्जनश्यामरुचः पयोदाः ॥
रुच्चैः शिखाभिः शिखिनोऽवलीढाः ।
तलेषु मुक्ताविशदा बभूवुः
सान्द्राञ्ज्जनश्यामरुचः पयोदाः ॥
अन्वयः
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मुहुः चलत्-पल्लव-लोहिनीभिः उच्चैः शिखिनः शिखाभिः अवलीढाः सान्द्र-अञ्जन-श्याम-रुचः पयोदाः तलेषु मुक्ता-विशदाः बभूवुः।
English Summary
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The clouds, which were dark as thick collyrium, being licked by the tall flames of the fire that were red like constantly moving new leaves, became white as pearls at their bases.
सारांश
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अग्नि की ऊंची लाल लपटों से स्पर्श किए गए काजल के समान काले बादल अपने निचले भागों में मोतियों की तरह उज्ज्वल दिखाई देने लगे।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
मुहुरिति ॥ सान्द्राञ्जनश्यामरुचो घनकज्जलश्यामरुचः पयोदा मुहुश्चलन्त्यश्च ताः पल्लवलोहिन्यो लोहितवर्णाश्च ताभिश्चलत्पल्लवलोहिनीभिः।
वर्णानुदात्तात्तोपधात्तो नः इति ङीप् । तकारस्य नकारः । शिखिनोऽग्नेरुच्चैरुन्नताभिः शिखाभिर्ज्वालाभिरवलीढाः । दग्धा इत्यर्थः । अतएव तलेष्वधोभाग्रेषु मुक्ताविशदा मौक्तिकधवला बभूवुः । जलसंशोषणादिति भावः । अधःस्वरूपयोरस्त्री तलम् इत्यमरः ॥
पदच्छेदः
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| मुहुः | मुहुः | constantly |
| चलत्पल्लवलोहिनीभिः | चलत् (√चल्+शतृ)–पल्लव–लोहिनी (३.३) | by those red like moving new leaves |
| उच्चैः | उच्चैस् | tall |
| शिखाभिः | शिखा (३.३) | by flames |
| शिखिनः | शिखिन् (६.१) | of the fire |
| अवलीढाः | अवलीढ (अव√लिह्+क्त, १.३) | licked |
| तलेषु | तल (७.३) | at their bases |
| मुक्ताविशदाः | मुक्ता–विशद (१.३) | white as pearls |
| बभूवुः | बभूवुः (√भू कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | became |
| सान्द्राञ्जनश्यामरुचः | सान्द्र–अञ्जन–श्याम–रुच् (१.३) | whose color was dark as thick collyrium |
| पयोदाः | पयोद (१.३) | the clouds |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| मु | हु | श्च | ल | त्प | ल्ल | व | लो | हि | नी | भि |
| रु | च्चैः | शि | खा | भिः | शि | खि | नो | ऽव | ली | ढाः |
| त | ले | षु | मु | क्ता | वि | श | दा | ब | भू | वुः |
| सा | न्द्रा | ञ्ज्ज | न | श्या | म | रु | चः | प | यो | दाः |
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