उज्झत्सु संहार इवास्तसंख्य-
मह्नाय तेजस्विषु जीवितानि ।
लोकत्रयास्वादनलोलजिह्वं
न व्याददात्याननमत्र मृत्युः ॥
उज्झत्सु संहार इवास्तसंख्य-
मह्नाय तेजस्विषु जीवितानि ।
लोकत्रयास्वादनलोलजिह्वं
न व्याददात्याननमत्र मृत्युः ॥
मह्नाय तेजस्विषु जीवितानि ।
लोकत्रयास्वादनलोलजिह्वं
न व्याददात्याननमत्र मृत्युः ॥
अन्वयः
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अत्र तेजस्विषु अह्नाय जीवितानि उज्झत्सु संहारः इव अस्तसंख्यम् (अस्ति)। मृत्युः लोकत्रयास्वादनलोलजिह्वम् आननम् न व्याददाति किम्?
English Summary
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Here, as the valiant warriors quickly give up their lives, the slaughter becomes countless, as if at the time of cosmic dissolution. Does Death not open its mouth, its tongue eager to taste the three worlds? (This implies the scale of death is immense).
सारांश
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असंख्य तेजस्वी योद्धाओं के प्राण त्यागने पर ऐसा लग रहा है मानो साक्षात् मृत्यु तीनों लोकों को निगलने के लिए अपनी लपलपाती जीभ के साथ मुँह खोले खड़ी है।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
उज्झस्विति ॥ अत्राहवे संहारे कल्पान्त इव तेजस्विषु वीरेश्वस्तसंख्यमसंख्यं यथा तथाह्नाय झटिति ।
द्राग्झटित्यञ्जसाह्नाय इत्यमरः । जीवितान्युज्झत्सु त्यजत्सु सत्सु मृत्युर्लोकत्रयस्यास्वादने भक्षणे लोला गृध्रुर्जिह्वा यस्मिंस्तदाननं न व्याददाति न विवृणोति । आङो दोऽनास्यविहरणे (अष्टाध्यायी १.३.२० ) इत्यत्रानास्यविहरण इति निषेधादात्मनेपदम् ॥ सत्यमेवम् । तथापि किमेतत्कुत्सितम् । तत्राह
पदच्छेदः
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| उज्झत्सु | उज्झत् (√उझ्झ्+शतृ, ७.३) | while abandoning |
| संहारः | संहार (१.१) | destruction |
| इव | इव | like |
| अस्तसंख्यम् | अस्तसंख्य (२.१) | countless |
| अह्नाय | अह्नाय | quickly |
| तेजस्विषु | तेजस्विन् (७.३) | among the valiant |
| जीवितानि | जीवित (२.३) | their lives |
| लोकत्रय | लोकत्रय | of the three worlds |
| आस्वादन | आस्वादन | for tasting |
| लोल | लोल | eager |
| जिह्वम् | जिह्वा (२.१) | whose tongue |
| न | न | not |
| व्याददाति | व्याददाति (वि+आ√दा कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | open wide |
| आननम् | आनन (२.१) | its mouth |
| अत्र | अत्र | here |
| मृत्युः | मृत्यु (१.१) | Death |
छन्दः
इन्द्रवज्रा [११: ततजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| उ | ज्झ | त्सु | सं | हा | र | इ | वा | स्त | सं | ख्य |
| म | ह्ना | य | ते | ज | स्वि | षु | जी | वि | ता | नि |
| लो | क | त्र | या | स्वा | द | न | लो | ल | जि | ह्वं |
| न | व्या | द | दा | त्या | न | न | म | त्र | मृ | त्युः |
| त | त | ज | ग | ग | ||||||
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