निषादिसंनाहमणिप्रभौघे
परीयमाणे करिशीकरेण ।
अर्कत्विषोन्मीलितमभ्युदेति
न खण्डमाखण्डलकार्मुकस्य ॥

अन्वयः AI करिशीकरेण परीयमाणे निषादिसंनाहमणिप्रभौघे (सति), अर्कत्विषा उन्मीलितम् आखण्डलकार्मुकस्य खण्डम् न अभ्युदेति (किन्तु स एव प्रभौघः) ।
English Summary AI When the flood of light from the gems on the riders' armor is surrounded by the spray from the elephants, what arises is not a fragment of Indra's bow (a rainbow) revealed by the sun's rays, but that very mass of light itself, creating a similar spectacular effect.
सारांश AI योद्धाओं के आभूषणों के रत्नों की चमक जब हाथियों द्वारा छोड़े गए जल-कणों से टकराती है, तब सूर्य के प्रकाश में इंद्रधनुष के टुकड़ों जैसा सुंदर दृश्य उत्पन्न होता है।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः) निषादीति ॥ करिणां शीकरेण पुष्करतुषारेण परीयमाणे व्याप्यमाने निषादिनो हस्त्यारोहाः। हस्त्यारोहा निषादिनः इत्यमरः (अमरकोशः २.८.५९ ) । तेषां संनाहाः कवचानि तेषां मणिप्रभौघे रत्नांशुजालेऽर्कस्य त्विषा तेजसोन्मीलितमुत्पादितमाखण्डलकार्मुकस्येन्द्रधनुषः। आखण्डलः सहस्राक्षः इत्यमरः (अमरकोशः १.१.५५ ) । खण्डं नाभ्युदेति ॥
पदच्छेदः AI
निषादिनिषादिन् of the rider
संनाहसंनाह on the armor
मणिमणि of the gems
प्रभप्रभा of the light
ओघेओघ (७.१) in the flood
परीयमाणेपरीयमाण (परि√इ+शानच्, ७.१) being surrounded
करिकरिन् of the elephants
शीकरेणशीकर (३.१) by the spray
अर्कअर्क of the sun
त्विषात्विष् (३.१) by the light
उन्मीलितम्उन्मीलित (उत्√मील्+क्त, १.१) revealed
अभ्युदेतिअभ्युदेति (अभि+उत्√इ कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) arises
not
खण्डम्खण्ड (१.१) a fragment
आखण्डलआखण्डल of Indra
कार्मुकस्यकार्मुक (६.१) of the bow
छन्दः उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
१० ११
नि षा दि सं ना णि प्र भौ घे
री मा णे रि शी रे
र्क त्वि षो न्मी लि भ्यु दे ति
ण्ड मा ण्ड का र्मु स्य
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