असृङ्नदीनामुपचीयमानै-
र्विदारयद्भिः पदवीं ध्वजिन्याः ।
उच्छ्रायमायान्ति न शोणितौघैः
पङ्कैरिवाश्यानघनैस्तटानि ॥
असृङ्नदीनामुपचीयमानै-
र्विदारयद्भिः पदवीं ध्वजिन्याः ।
उच्छ्रायमायान्ति न शोणितौघैः
पङ्कैरिवाश्यानघनैस्तटानि ॥
र्विदारयद्भिः पदवीं ध्वजिन्याः ।
उच्छ्रायमायान्ति न शोणितौघैः
पङ्कैरिवाश्यानघनैस्तटानि ॥
अन्वयः
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उपचीयमानैः ध्वजिन्याः पदवीं विदारयद्भिः आश्यानघनैः पङ्कैः इव असृङ्नदीनाम् तटानि शोणितौघैः उच्छ्रायम् न आयान्ति ।
English Summary
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The banks of the rivers of blood do not rise high with floods of gore, which, like accumulating and coagulating mud, would tear up the path of the army. (Arjuna notes the absence of carnage on a massive scale).
सारांश
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रक्त की नदियों के कारण जमा हुए घने कीचड़ से सेना का मार्ग कठिन हो गया है। खून के इस प्रवाह ने नदी के तटों की भाँति ऊँचे ढेर बना दिए हैं, जो आगे बढ़ने में बाधक हैं।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
असृगिति ॥असृङ्गदीनां तटान्युपचीयमानैरुपचयं नीयमानैस्तथा ध्वजिन्याः पदवीं विदारयद्भिर्दुःसंचारां कुर्वद्भिः। 'विदूरयद्भिः' इति पाठे विदूरां दूरसंचारां कुर्वद्भिः। आश्याना ईषच्छुष्काः । संयोगादेरातो धातोर्यण्यतः' इति श्यायतेर्निष्ठानत्वम् । घनाः सान्द्रास्तैराश्यानघनैः शोणितौघै: पङ्कैरिवोच्छ्रायं वृद्धिं नायान्ति न प्राप्नुवन्ति ॥
पदच्छेदः
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| असृङ्नदीनाम् | असृज्–नदी (६.३) | of the rivers of blood |
| उपचीयमानैः | उपचीयमान (उप√चि+यक्+शानच्, ३.३) | by the accumulating |
| विदारयद्भिः | विदारयत् (वि√दृ+णिच्+शतृ, ३.३) | by those splitting |
| पदवीम् | पदवी (२.१) | the path |
| ध्वजिन्याः | ध्वजिनी (६.१) | of the army |
| उच्छ्रायम् | उच्छ्राय (२.१) | height |
| आयान्ति | आयान्ति (आ√या कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | attain |
| न | न | not |
| शोणितौघैः | शोणित–ओघ (३.३) | by floods of gore |
| पङ्कैः | पङ्क (३.३) | with mud |
| इव | इव | like |
| आश्यानघनैः | आश्यान–घन (३.३) | thickened by coagulation |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | सृ | ङ्न | दी | ना | मु | प | ची | य | मा | नै |
| र्वि | दा | र | य | द्भिः | प | द | वीं | ध्व | जि | न्याः |
| उ | च्छ्रा | य | मा | या | न्ति | न | शो | णि | तौ | घैः |
| प | ङ्कै | रि | वा | श्या | न | घ | नै | स्त | टा | नि |
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