रुजन्परेषून्बहुधाशुपातिनो
मुहुः शरौघैरपवारयन्दिशः ।
चलाचलोऽनेक इव क्रियावशा-
न्महर्षिसंघैर्बुबुधे धनंजयः ॥
रुजन्परेषून्बहुधाशुपातिनो
मुहुः शरौघैरपवारयन्दिशः ।
चलाचलोऽनेक इव क्रियावशा-
न्महर्षिसंघैर्बुबुधे धनंजयः ॥
मुहुः शरौघैरपवारयन्दिशः ।
चलाचलोऽनेक इव क्रियावशा-
न्महर्षिसंघैर्बुबुधे धनंजयः ॥
अन्वयः
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परेषून् रुजन्, दिशः शरौघैः मुहुः अपवारयन्, क्रियावशात् चल-अचलः (सन्) धनञ्जयः महर्षिसंघैः अनेकः इव बुबुधे ।
English Summary
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Breaking the enemy's swiftly falling arrows and repeatedly concealing the directions with floods of his own, Dhananjaya, being both moving (in action) and unmoving (in stance), was perceived by the great sages as if he were many.
सारांश
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निरंतर बाण वर्षा कर दिशाओं को ढकने वाले और युद्ध में अत्यंत फुर्तीले अर्जुन के वास्तविक स्वरूप को महर्षियों ने उनके विलक्षण पराक्रम से पहचाना।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
रुजन्नित्यादि ॥ बहुधाशुपातिनः शीघ्रमापततो महेषून्मुहुः शरौघै रुजन्मञ्जयन् । तथा दिशश्चापवारयन्नाच्छादयन्क्रियावशात्तत्तद्गतिवशाच्चलाचलोऽतिचञ्चलो धनंजयोऽर्जुनो महर्षिसंघैरनेको बहुविध इव बुबुधे ददृशे ॥
पदच्छेदः
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| रुजन् | रुजत् (√रुज्+शतृ, १.१) | breaking |
| परेषून् | पर–इषु (२.३) | the enemy's arrows |
| बहुधा | बहुधा | in many ways |
| आशुपातिनः | आशु–पातिन् (२.३) | swiftly falling |
| मुहुः | मुहुः | again and again |
| शरौघैः | शर–ओघ (३.३) | with floods of arrows |
| अपवारयन् | अपवारयत् (अप√वृ+णिच्+शतृ, १.१) | covering/concealing |
| दिशः | दिश् (२.३) | the directions |
| चलाचलः | चल–अचल (१.१) | moving and unmoving |
| अनेकः | अ–एक (१.१) | many |
| इव | इव | as if |
| क्रियावशात् | क्रिया–वशात् (५.१) | due to his actions |
| महर्षिसंघैः | महर्षि–संघ (३.३) | by the groups of great sages |
| बुबुधे | बुबुधे (√बुध् कर्तरि लिट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | was perceived |
| धनञ्जयः | धनञ्जय (१.१) | Dhananjaya (Arjuna) |
छन्दः
वंशस्थम् [१२: जतजर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| रु | ज | न्प | रे | षू | न्ब | हु | धा | शु | पा | ति | नो |
| मु | हुः | श | रौ | घै | र | प | वा | र | य | न्दि | शः |
| च | ला | च | लो | ऽने | क | इ | व | क्रि | या | व | शा |
| न्म | ह | र्षि | सं | घै | र्बु | बु | धे | ध | नं | ज | यः |
| ज | त | ज | र | ||||||||
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