अन्वयः
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इह आसुरे लोक-वित्रास-विधायिनि महा-आहवे युष्माभिः उन्नतिम् नीतम् पौरुषम् निरस्तम् ।
English Summary
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In this great battle against the Asura (Muka), which caused terror to the world, the manliness that was brought to a high state by you has now been cast down.
सारांश
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संसार को भयभीत करने वाले इस भयंकर आसुरी युद्ध में आप लोगों ने जिस पुरुषार्थ को बढ़ाया था, वह यहाँ नष्ट हो गया है।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
आसुर इति ॥ एवंविध आसुरेऽसुरसंबन्धिनि लोकवित्रासविधायिनि लोकभयंकरे महाहवे महायुद्धे युष्माभिरुन्नतिं वृद्धिं नीतं प्रापितं पौरुषं पुरुषकर्म निरस्तं नाशितमिह सङ्ग्रामे ॥
पदच्छेदः
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| आसुरे | आसुर (७.१) | in the battle against the Asura |
| लोकवित्रासविधायिनि | लोक–वित्रास–विधायिन् (७.१) | which causes terror to the world |
| महाहवे | महा–आहव (७.१) | in the great battle |
| युष्माभिः | युष्मद् (३.३) | by you |
| उन्नतिम् | उन्नति (२.१) | to a high state |
| नीतम् | नीत (√नी+क्त, १.१) | brought |
| निरस्तम् | निरस्त (निर्√अस्+क्त, १.१) | is cast down |
| इह | इह | here |
| पौरुषम् | पौरुष (१.१) | manliness |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| आ | सु | रे | लो | क | वि | त्रा | स |
| वि | धा | यि | नि | म | हा | ह | वे |
| यु | ष्मा | भि | रु | न्न | तिं | नी | तं |
| नि | र | स्त | मि | ह | पौ | रु | षम् |
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