मुनेः शरौघेण तदुग्ररंहसा
बलं प्रकोपादिव विष्वगायता ।
विधूनितं भ्रान्तिमियाय सङ्गिनीं
महानिलेनेव निदाघजं रजः ॥
मुनेः शरौघेण तदुग्ररंहसा
बलं प्रकोपादिव विष्वगायता ।
विधूनितं भ्रान्तिमियाय सङ्गिनीं
महानिलेनेव निदाघजं रजः ॥
बलं प्रकोपादिव विष्वगायता ।
विधूनितं भ्रान्तिमियाय सङ्गिनीं
महानिलेनेव निदाघजं रजः ॥
अन्वयः
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तत्-उग्र-रंहसा विष्वक् आयता मुनेः शर-ओघेण विधूनितम् बलम्, प्रकोपात् इव, महा-अनिलनेन निदाघ-जम् रजः इव, सङ्गिनीम् भ्रान्तिम् इयाय ।
English Summary
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Shaken by the sage's torrent of fiercely swift arrows spreading in all directions, the army fell into a state of constant confusion, as if from anger. It was like summer dust violently whirled about by a great wind.
सारांश
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मुनि के तीव्र बाणों से छिन्न-भिन्न हुई वह सेना व्याकुल होकर चारों ओर वैसे ही भटकने लगी, जैसे ग्रीष्म ऋतु में तेज हवा से उड़ती हुई धूल चकराती है।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
मुनेरिति ॥ प्रकोपादमर्षादिव विष्वक्समन्तादायतागच्छतोग्ररंहसा तीव्रवेगेन मुनेः शरौघेणोक्तविशेषणेन । महानिलेन वात्यया निदाघजं ग्रीष्मोत्थं रज इव । विधूनितं व्याहतं तद्वलं प्रमथानां सैन्यं सङ्गिनीमनुबन्धिनीम् । अविच्छिन्नामिति यावत् । भ्रान्तिमनवस्थानमियाय प्राप ॥ अथ त्रिभिर्विशेषकमाह -तप इत्यादिना ॥
पदच्छेदः
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| मुनेः | मुनि (६.१) | of the sage |
| शर-ओघेण | शर–ओघ (३.१) | by the torrent of arrows |
| तत्-उग्र-रंहसा | तद्–उग्र–रंहस् (३.१) | by that of fierce speed |
| बलम् | बल (१.१) | the army |
| प्रकोपात् | प्रकोप (५.१) | from anger |
| इव | इव | as if |
| विष्वक् | विष्वच् | in all directions |
| आयता | आयात (आ√या+क्त, ३.१) | spread out |
| विधूनितम् | विधूनित (वि√धू+णिच्+क्त, १.१) | shaken violently |
| भ्रान्तिम् | भ्रान्ति (२.१) | confusion |
| इयाय | इयाय (√इ कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | obtained |
| सङ्गिनीम् | सङ्गिन् (२.१) | constant |
| महा-अनिलनेन | महा–अनिल (३.१) | by a great wind |
| इव | इव | like |
| निदाघ-जम् | निदाघ–ज (१.१) | summer-born |
| रजः | रजस् (१.१) | dust |
छन्दः
वंशस्थम् [१२: जतजर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| मु | नेः | श | रौ | घे | ण | त | दु | ग्र | रं | ह | सा |
| ब | लं | प्र | को | पा | दि | व | वि | ष्व | गा | य | ता |
| वि | धू | नि | तं | भ्रा | न्ति | मि | या | य | स | ङ्गि | नीं |
| म | हा | नि | ले | ने | व | नि | दा | घ | जं | र | जः |
| ज | त | ज | र | ||||||||
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