उदूढवक्षःस्थगितैकदिङ्मुखो
विकृष्टविस्फारितचापमण्डलः ।
वितत्य पक्षद्वयमायतं बभौ
विभुर्गुणानामुपरीव मध्यगः ॥
उदूढवक्षःस्थगितैकदिङ्मुखो
विकृष्टविस्फारितचापमण्डलः ।
वितत्य पक्षद्वयमायतं बभौ
विभुर्गुणानामुपरीव मध्यगः ॥
विकृष्टविस्फारितचापमण्डलः ।
वितत्य पक्षद्वयमायतं बभौ
विभुर्गुणानामुपरीव मध्यगः ॥
अन्वयः
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उदूढवक्षःस्थगितैकदिङ्मुखः विकृष्टविस्फारितचापमण्डलः आयतम् पक्षद्वयम् वितत्य गुणानाम् उपरि मध्यगः इव विभुः बभौ।
English Summary
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The mighty Arjuna shone, having blocked one direction with his broad chest and drawn his bow into a wide circle. Spreading his two long arms, he appeared like the central gem placed above a string of other virtues.
सारांश
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अपनी सेना के मध्य स्थित भगवान शिव अपने विशाल वक्ष और धनुष मण्डल के साथ ऐसे सुशोभित हुए मानो उन्होंने अपने गुणों पर पंख फैला रखे हों।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
उदूढेति ॥ उदूढेनोन्नतेन वक्षसा स्थगितमाच्छादितमेकमेकतरं दिङ्मुखं येन सः। विकृष्टमाकृष्टमत एव विस्फारितं निघर्वेषितं चापमण्डलं येन स विभुः शिवः। आयतं विस्तृतं पक्षद्वयं पार्श्वद्वयं वितत्य स्वमहिम्ना व्याप्य ।
पक्षः साध्यगरुत्पार्श्वसहायबलभित्तिषु इति वैजयन्ती । गुणानां मध्यगो मध्यस्थोऽप्युपरि स्थित इव बभौ । सर्वोन्नतत्वात्तथा लक्षित इत्यर्थः ॥
पदच्छेदः
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| उदूढवक्षःस्थगितैकदिङ्मुखः | उदूढ (उद्√वह्+क्त)–वक्षस्–स्थगित (√स्था+णिच्+क्त)–एक–दिश्–मुख (१.१) | he who blocked one direction with his broad chest |
| विकृष्टविस्फारितचापमण्डलः | विकृष्ट (वि√कृष्+क्त)–विस्फारित (वि√स्फर्+णिच्+क्त)–चाप–मण्डल (१.१) | he who had drawn his bow into a wide circle |
| वितत्य | वितत्य (वि√तन्+ल्यप्) | having spread |
| पक्षद्वयम् | पक्ष–द्वय (२.१) | his two arms |
| आयतम् | आयत (आ√यम्+क्त, २.१) | long |
| बभौ | बभौ (√भा कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | shone |
| विभुः | विभु (१.१) | the mighty one (Arjuna) |
| गुणानाम् | गुण (६.३) | of the virtues (or strings) |
| उपरि | उपरि | above |
| इव | इव | like |
| मध्यगः | मध्यग (१.१) | the central gem |
छन्दः
वंशस्थम् [१२: जतजर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| उ | दू | ढ | व | क्षः | स्थ | गि | तै | क | दि | ङ्मु | खो |
| वि | कृ | ष्ट | वि | स्फा | रि | त | चा | प | म | ण्ड | लः |
| वि | त | त्य | प | क्ष | द्व | य | मा | य | तं | ब | भौ |
| वि | भु | र्गु | णा | ना | मु | प | री | व | म | ध्य | गः |
| ज | त | ज | र | ||||||||
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