यदा विगृह्णाति हतं तदा यशः
करोति मैत्रीमथ दूषिता गुणाः ।
स्थितिं समीक्ष्योभयथा परीक्षकः
करोत्यवज्ञोपहतं पृथग्जनम् ॥
यदा विगृह्णाति हतं तदा यशः
करोति मैत्रीमथ दूषिता गुणाः ।
स्थितिं समीक्ष्योभयथा परीक्षकः
करोत्यवज्ञोपहतं पृथग्जनम् ॥
करोति मैत्रीमथ दूषिता गुणाः ।
स्थितिं समीक्ष्योभयथा परीक्षकः
करोत्यवज्ञोपहतं पृथग्जनम् ॥
अन्वयः
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परीक्षकः (यदि) पृथक्-जनम् विगृह्णाति, तदा यशः हतम् (भवति) । अथ (यदि) मैत्रीम् करोति, (तदा) गुणाः दूषिताः (भवन्ति) । (अतः) स्थितिम् उभयथा समीक्ष्य (तम्) अवज्ञा-उपहतम् करोति ।
English Summary
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"If a discerning person fights with a commoner, his fame is destroyed. If he makes friends, his virtues are tainted. Therefore, considering the situation from both sides, he treats the commoner with contempt."
सारांश
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शत्रुता यश का नाश करती है और कुसंगति गुणों को मलिन। बुद्धिमान व्यक्ति परिणामों पर विचार कर नीच पुरुषों की उपेक्षा करना ही उचित समझते हैं।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
यदेति ॥ यदा विगृह्णाति विरुणद्धि ! पृथग्जनेनेति शेषः। तदा यशो हतं नाशितं भवेत् । अथ मैत्रीं करोति तदा गुणा दूषिताः।भवेयुरिति शेषः। इत्युभयथा स्थितिं समीक्ष्य प्रतर्क्य विमृष्य परीक्षको विवेचकः पृथग्जनं नीचजनमवज्ञयानादरेणोपहतं तिरस्कृतं करोति । उपेक्षत इत्यर्थः ॥ उपसंहरन्नाह
पदच्छेदः
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| यदा | यदा | if |
| विगृह्णाति | विगृह्णाति (वि√ग्रह् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | fights with |
| हतम् | हत (√हन्+क्त, १.१) | is destroyed |
| तदा | तदा | then |
| यशः | यशस् (१.१) | fame |
| करोति | करोति (√कृ कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | makes |
| मैत्रीम् | मैत्री (२.१) | friends |
| अथ | अथ | if |
| दूषिताः | दूषित (√दुष्+णिच्+क्त, १.३) | are tainted |
| गुणाः | गुण (१.३) | virtues |
| स्थितिम् | स्थिति (२.१) | the situation |
| समीक्ष्य | समीक्ष्य (सम्√ईक्ष्+ल्यप्) | considering |
| उभयथा | उभयथा | from both sides |
| परीक्षकः | परीक्षक (परि√ईक्ष्+क, १.१) | a discerning person |
| करोति | करोति (√कृ कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | treats |
| अवज्ञोपहतम् | अवज्ञा–उपहत (२.१) | with contempt |
| पृथग्जनम् | पृथक्–जन (२.१) | a commoner |
छन्दः
वंशस्थम् [१२: जतजर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| य | दा | वि | गृ | ह्णा | ति | ह | तं | त | दा | य | शः |
| क | रो | ति | मै | त्री | म | थ | दू | षि | ता | गु | णाः |
| स्थि | तिं | स | मी | क्ष्यो | भ | य | था | प | री | क्ष | कः |
| क | रो | त्य | व | ज्ञो | प | ह | तं | पृ | थ | ग्ज | नम् |
| ज | त | ज | र | ||||||||
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