अन्वयः
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(आर्य-संगमे सति) गुणाः आत्मनीनम् उपतिष्ठन्ते, आपदः च विरमन्ति । इति अनेक-फल-भाजि आर्य-संगमे अर्थिता कथम् इव मा स्म भूत्?
English Summary
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In the company of a noble person, virtues beneficial to oneself arise, and calamities cease. Therefore, how can there be any hesitation in seeking the company of a noble one, which yields so many fruits?
सारांश
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सज्जनों के साथ से गुण प्रकट होते हैं और विपत्तियां समाप्त होती हैं। ऐसे अनेक फल देने वाले श्रेष्ठ समागम में याचना करना भला कैसे निष्फल हो सकता है?
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
आत्मनीनमिति ॥ आत्मने हितमात्मनीनम् । 'आत्मन्विश्वजनभोगोत्तरपदात्खः। उपतिष्ठते संगच्छते । 'उपाद्देवपूजासंगतिकरणमित्रकरणपथिषु' इति वक्तव्यादात्मनेपदम् । गुणा विनयादयः संभवन्त्यापदश्च विरमन्ति ।
व्याङ्परिभ्यो रमः (अष्टाध्यायी १.३.८३ ) इति परस्मैपदम् । इत्यनेकफलभाजि नानाफलोत्पादक आर्यसंगमे साधुसंगतावर्थितापेक्षा कथमिव मा स्म भूत् । सर्वदा भवत्येव ॥ न चायं दूरे वर्तत इत्याह
पदच्छेदः
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| आत्मनीनम् | आत्मनीन (२.१) | beneficial to oneself |
| उपतिष्ठते | उपतिष्ठते (उप√स्था कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. बहु.) | present themselves |
| गुणाः | गुण (१.३) | virtues |
| सम्भवन्ति | सम्भवन्ति (सम्√भू कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | they arise |
| विरमन्ति | विरमन्ति (वि√रम् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | they cease |
| च | च | and |
| आपदः | आपद् (१.३) | calamities |
| इति | इति | thus |
| अनेकफलभाजि | अनेक–फल–भाज् (७.१) | which possesses many fruits |
| मा | मा | not |
| स्म | स्म | (prohibitive particle) |
| भूत् | भूत् (√भू कर्तरि लुङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | let there be |
| अर्थिता | अर्थिता (१.१) | hesitation |
| कथम् | कथम् | how |
| इव | इव | indeed |
| आर्यसंगमे | आर्य–संगम (७.१) | in the company of a noble person |
छन्दः
रथोद्धता [११: रनरलग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| आ | त्म | नी | न | मु | प | ति | ष्ठ | ते | गु | णाः |
| स | म्भ | व | न्ति | वि | र | म | न्ति | चा | प | दः |
| इ | त्य | ने | क | फ | ल | भा | जि | मा | स्म | भू |
| द | र्थि | ता | क | थ | मि | वा | र्य | सं | ग | मे |
| र | न | र | ल | ग | ||||||
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