अन्वयः
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असुरक्ष्य-भूतयः जिगीषताम् लाभ-सम्पदः एक-सुकृतेन लभ्यम् रक्षितारम् (विना) दुर्लभाः (भवन्ति) । (ताः) स्वन्तम् अन्त-विरसाः च (भवन्ति) । मित्र-लाभम् अनु (तु ताः सुलभाः) ।
English Summary
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For those who seek conquest, fortunes are difficult to obtain without a protector, who himself is obtainable by a single good deed. Such gains are pleasant at first but bitter in the end. However, after acquiring a friend, all other prosperous gains follow.
सारांश
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पुण्य से ही दुर्लभ रक्षक प्राप्त होता है। विजय के अभिलाषी पुरुषों के लिए मित्र की प्राप्ति ही समस्त सुखों और संपत्तियों के लाभ का मूल आधार है।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
लभ्यमिति ॥ जिगीषतां जेतुमिच्छताम् । जयतेः सन्नन्ताच्छतृप्रत्ययः । दुर्लभाः कृच्छ्रेणापि लब्धुमशक्यास्तथाप्यसुरक्ष्यभूतयो रक्षितुमशक्यमहिमानः । तथापि नित्यं रक्षणादिक्लेशावहाश्चेति भावः । अन्तविरसाः। गत्वर्य इत्यर्थः । लभ्यन्त इति लाभा अर्थास्तेषां संपद:। एकसुकृतेनैकोपकारेण लभ्यं सुलभं न तु दुर्लभं रक्षितारं न तु रक्ष्यं स्वन्तं शुभावसानं न त्वन्तविरसं मित्रलाभमनु मित्रलाभाद्धीनाः । निकृष्टा इत्यर्थः।
हीने (अष्टाध्यायी १.४.८६ ) इत्यनोः कर्मप्रवचनीयसंज्ञा । तद्योगे द्वितीया । अत्रोपमेयस्य मित्रलाभस्य लाभान्तरं प्रत्याधिक्याभिधानाद्व्यतिरेकालंकारः॥
पदच्छेदः
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| लभ्यम् | लभ्य (√लभ्+यत्, २.१) | obtainable |
| एकसुकृतेन | एक–सुकृत (३.१) | by a single good deed |
| दुर्लभा | दुर्लभ (१.३) | difficult to obtain |
| रक्षितारम् | रक्षितृ (२.१) | a protector |
| असुरक्ष्यभूतयः | असुरक्ष्य–भूति (१.३) | fortunes that are insecure |
| स्वन्तम् | सु–अन्त (१.३) | pleasant in the beginning |
| अन्तविरसा | अन्त–विरस (१.३) | unpleasant in the end |
| जिगीषताम् | जिगीषत् (√जि+सन्+शतृ, ६.३) | of those who wish to conquer |
| मित्रलाभम् | मित्र–लाभ (२.१) | the gain of a friend |
| अनु | अनु | after |
| लाभसम्पदः | लाभ–सम्पद् (१.३) | the riches of gains |
छन्दः
रथोद्धता [११: रनरलग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ल | भ्य | मे | क | सु | कृ | ते | न | दु | र्ल | भा |
| र | क्षि | ता | र | म | सु | र | क्ष्य | भू | त | यः |
| स्व | न्त | म | न्त | वि | र | सा | जि | गी | ष | तां |
| मि | त्र | ला | भ | म | नु | ला | भ | स | म्प | दः |
| र | न | र | ल | ग | ||||||
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