सारांश
AI
अपनी कान्ति से सूर्य को भी लज्जित करने वाले और पराक्रम से संपन्न आप हमारे स्वामी के उस बाण को ग्रहण न करें जिसने वराह का वध किया है।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
ह्रेपयन्निति ॥ त्विषा तेजसाहिमतेजसमुष्णतेजसं ह्रेपयंल्लज्जयन्नुपपन्नपौरुषः संभावितपराक्रमः स प्रसिद्धस्त्वं वराहभेदिनम् । कृतोपकारमित्यर्थः । एनं त्वत्करगतमस्मदधिपस्य सायकं शरमित्थं साहसेन हर्तुं नार्हसि ॥ अनर्हत्वमेवाह
छन्दः
रथोद्धता [११: रनरलग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ह्रे | प | य | न्न | हि | म | ते | ज | सं | त्वि | षा |
| स | त्व | मि | त्थ | मु | प | प | न्न | पौ | रु | षः |
| ह | र्तु | म | र्ह | सि | व | रा | ह | भे | दि | नं |
| नै | न | म | स्म | द | धि | प | स्य | सा | य | कम् |
| र | न | र | ल | ग | ||||||
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.