स तमालनिभे रिपौ सुराणां
घननीहार इवाविषक्तवेगः ।
भयविप्लुतमीक्षितो नभःस्थै-
र्जगतीं ग्राह इवापगां जगाहे ॥
स तमालनिभे रिपौ सुराणां
घननीहार इवाविषक्तवेगः ।
भयविप्लुतमीक्षितो नभःस्थै-
र्जगतीं ग्राह इवापगां जगाहे ॥
घननीहार इवाविषक्तवेगः ।
भयविप्लुतमीक्षितो नभःस्थै-
र्जगतीं ग्राह इवापगां जगाहे ॥
अन्वयः
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सः अविषक्त-वेगः (पृषत्कः) सुराणाम् तमाल-निभे रिपौ, घन-नीहारः इव, जगाहे। (सः) नभःस्थैः भय-विप्लुतम् ईक्षितः, ग्राहः आपगाम् इव (लक्ष्यम्) जगाहे।
English Summary
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That arrow, with unhindered speed, plunged into the enemy of the gods who resembled a Tamala tree, just as dense mist enters a forest. Watched with fear by the sky-dwellers, it plunged into its target like a crocodile into a river.
सारांश
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तमाल वृक्ष जैसे काले वराह में वह बाण कोहरे की तरह बिना रुके समा गया, जिसे आकाश स्थित देवों ने नदी में पैठते मगरमच्छ जैसा देखा।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
स इति । स बाणस्तमालनिभे तमालप्रमे । नीलाभ इति यावत् । सुराणां रिपौ वराहे घननीहारे सान्द्रतुहिन इवाविषक्तवेगोऽप्रतिवद्धवेगः सन् । तथा नभःस्थैः खे चरैर्भयेन विप्लुतं विह्वलं यथा तथेक्षितः सन् । अपां संबन्धि वेग आपः । अपां समूहो वापम् । आपेन गच्छतीत्यापगा नदी ताम् । गृह्णातीति ग्राहो जलग्राहः। जलचर इति यावत्।
जलचरे इति वक्तव्याद्विभाषया ग्रह इति पाप्रत्ययः। स इव। जगतीं भूमिम्। जगती विष्टपे मह्यां वास्तुच्छन्दोविशेषयोः इति वैजयन्ती। जगाहे विवेश । अन्तर्हित इत्यर्थः॥ अथार्जुनबाणप्रयोगमाह
पदच्छेदः
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| सः | तद् (१.१) | That (arrow) |
| तमाल-निभे | तमाल–निभ (७.१) | in the one resembling a Tamala tree |
| रिपौ | रिपु (७.१) | in the enemy |
| सुराणाम् | सुर (६.३) | of the gods |
| घन-नीहारः | घन–नीहार (१.१) | dense mist |
| इव | इव | like |
| अविषक्त-वेगः | अविषक्त–वेग (१.१) | with unhindered speed |
| भय-विप्लुतम् | भय–विप्लुतम् | with fearful agitation |
| ईक्षितः | ईक्षित (√ईक्ष्+क्त, १.१) | watched |
| नभःस्थैः | नभःस्थ (३.३) | by the sky-dwellers |
| जगतीम् | जगती (२.१) | the earth (here, the target) |
| ग्राहः | ग्राह (१.१) | a crocodile |
| आपगाम् | आपगा (२.१) | a river |
| जगाहे | जगाहे (√गाह् कर्तरि लिट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | plunged into |
छन्दः
औपच्छन्दसिक
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | त | मा | ल | नि | भे | रि | पौ | सु | रा | णां | |
| घ | न | नी | हा | र | इ | वा | वि | ष | क्त | वे | गः |
| भ | य | वि | प्लु | त | मी | क्षि | तो | न | भः | स्थै | |
| र्ज | ग | तीं | ग्रा | ह | इ | वा | प | गां | ज | गा | हे |
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