अन्वयः
AI
... पुष्पितलतान्तनियमितविलम्बितमौलिना, शिखिपिच्छलाञ्छितकपोलभित्तिना, अरुणनयनेन वदनेन रुचम् बिभ्रत् ...
English Summary
AI
(Continuing the description) ... and with his face, which bore a splendor, had reddish eyes, cheeks marked with peacock feathers, and a crest hanging low, tied with the ends of flowering creepers...
सारांश
AI
खिले हुए फूलों वाली लताओं से बंधी हुई लंबी जटाओं वाले, लाल नेत्रों और मोर पंखों से सुशोभित कपोलों वाले वे किरात वेशधारी शिव अत्यंत शोभायमान हो रहे थे।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
वदनेनेति ॥ पुष्पितैर्लतान्तैर्विकसितलताग्रैर्नियमिताः संयता विलम्यिनश्च ते मौलयः संयतकेशा यस्य तेन ।
चूडा किरीटं केशाश्च संयता मौलयस्त्रयः इत्यमरः (अमरकोशः ३.३.२०१ ) । शिखिपिच्छलाञ्छिते बर्हिबर्हाङ्किते कपोलभित्ती यस्य तेनारुणनयनेनारक्तनेत्रेण वदनेन रुचं शोभां बिभ्रत् ॥ बृहदुद्वहलञ्जदनादि धनुरुपहितैकमार्गणम् । मेघनिचय इव संववृते रुचिरः किरातपृतनापतिः शिवः
पदच्छेदः
AI
| वदनेन | वदन (३.१) | with a face |
| पुष्पितलतान्तनियमितविलम्बितमौलिना | पुष्पित–लतान्त–नियमित–विलम्बित–मौलि (३.१) | with a crest hanging low, tied with the ends of flowering creepers |
| बिभ्रत् | बिभ्रत् (√भृ+शतृ, १.१) | bearing |
| अरुणनयनेन | अरुण–नयन (३.१) | with reddish eyes |
| रुचम् | रुच् (२.१) | splendor |
| शिखिपिच्छलाञ्छितकपोलभित्तिना | शिखिपिच्छ–लाञ्छित–कपोलभित्ति (३.१) | with cheeks marked with peacock feathers |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.