अन्वयः
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विडम्बितकिरातनृपतिवपुषा मया रिपौ निहते (सति), अयम् मुक्तनिशितविशिखः (सन्) प्रसभम् मृगयाविवादम् आचरिष्यति।
English Summary
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"When the enemy (Muka) is slain by me, who have assumed the form of a Kirata king, this one (Arjuna), having released a sharp arrow, will forcibly start a dispute over the hunt."
सारांश
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जब मैं किरात राजा का वेष धारण कर उस शत्रु को मारूँगा, तब तीक्ष्ण बाण चलाने वाला यह अर्जुन मुझसे शिकार के अधिकार के लिए युद्ध करेगा।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
निहत इति ॥ विडम्बितमनुकृतं किरातनृपतिवपुर्येन तेन । तद्रूपधारिणेत्यर्थः । मया रिपौ वराहे निहते मया हते विषये मुक्तनिशितविशिखः सन् । अयं पाण्डवः प्रसभं प्रसह्य मृगयाविवादं मृगप्रहारकलहमाचरिष्यति करिष्यति । मत्प्रहत्तमेव मृगं प्रहत्य स्वयमहमेव प्रहर्तेति कलहिष्यत इत्यर्थः॥ ततोऽपि किं भावीत्याह
पदच्छेदः
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| निहते | निहत (नि√हन्+क्त, ७.१) | being slain |
| विडम्बितकिरातनृपतिवपुषा | विडम्बित–किरातनृपति–वपुस् (३.१) | by me who has assumed the form of a Kirata king |
| रिपौ | रिपु (७.१) | the enemy |
| मया | अस्मद् (३.१) | by me |
| मुक्तनिशितविशिखः | मुक्त–निशित–विशिख (१.१) | having released a sharp arrow |
| प्रसभम् | प्रसभम् | forcibly |
| मृगयाविवादम् | मृगया–विवाद (२.१) | a dispute over the hunt |
| अयम् | इदम् (१.१) | this one (Arjuna) |
| आचरिष्यति | आचरिष्यति (आ√चर् कर्तरि लृट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | will start |
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