अन्वयः
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अस्य जन्मिनः स्थितिं लक्ष्मीम् इव चलाचलां विद्वान् भवान् न्याय्यं मा स्म वधीः । हि साधवः न्यायाधाराः भवन्ति ।
English Summary
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You, who know that the existence of any living being is as unsteady as fortune, should not destroy what is just. For good people are the very foundation of justice.
सारांश
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प्राणियों की स्थिति को लक्ष्मी के समान चंचल जानकर आप न्यायोचित मार्ग का त्याग न करें, क्योंकि सज्जनों का एकमात्र आधार न्याय ही होता है।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
जन्मिन इति ॥ अस्य जन्मिन उत्पत्तिधर्मिकस्य शरीरिणः । व्रीह्यादिस्वादिनिः। स्थितिं लक्ष्मीमिव चलाचलां चञ्चलां जन्मिधर्मत्वादेव चलाम् । अनित्यामित्यर्थः । चलतेः पचाद्यच् ।
चरिचलिपतिवदीनां वा द्वित्वमच्याक्वाभ्यासस्येति वक्तव्यम् इति द्विर्भावः । अभ्यासस्यागागमश्च । विद्वान । जानन्नित्यर्थः । विदेः शतुर्वसुः (अष्टाध्यायी ७.१.३६ ) इति वैकल्पिको वसुरादेशः । भवान् । न्यायादनपेतं न्याय्यम् । धर्मपथ्यर्थन्यायादनपेते (अष्टाध्यायी ४.४.९२ ) इति यत्प्रत्ययः । मा स्म वधीत् । मा नाशयेत्यर्थः । स्मोत्तरे लङ् च (अष्टाध्यायी ३.३.१७६ ) इति लुङ् । लुङि च (अष्टाध्यायी २.४.४३ ) इति हनो वधादेशः। शेषे प्रथमः (अष्टाध्यायी १.४.१०८ ) इति प्रथमपुरुषः । हि यस्मात्साधवो न्यायाधारा न्यायावलम्बाः । बहुव्रीहिस्तत्पुरुषो वा । न्यायत्यागे साधुत्वमेव न् स्यादिति भाव:। न्यायाचाराः इति पाठे न्यायमाचरन्तीतिः तथोक्ताः । कर्मण्यण् ॥ तर्हि किं मे कर्तव्यं तत्राह:
पदच्छेदः
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| जन्मिनः | जन्मिन् (६.१) | of a living being |
| अस्य | इदम् (६.१) | this |
| स्थितिम् | स्थिति (२.१) | existence |
| विद्वान् | विद्वस् (√विद्+क्वसु, १.१) | knowing |
| लक्ष्मीम् | लक्ष्मी (२.१) | fortune |
| इव | इव | like |
| चलाचलाम् | चलाचल (२.१) | unsteady |
| भवान् | भवत् (१.१) | you |
| मा | मा | do not |
| स्म | स्म | (used with mā for prohibition) |
| वधीः | मा स्म वधीः (√वध् कर्तरि लुङ् (परस्मै.) म.पु. एक.) | destroy |
| न्याय्यम् | न्याय्य (२.१) | what is just |
| न्यायाधाराः | न्याय–आधार (१.३) | are the support of justice |
| हि | हि | for |
| साधवः | साधु (१.३) | good people |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ज | न्मि | नो | ऽस्य | स्थि | तिं | वि | द्वां |
| ल्ल | क्ष्मी | मि | व | च | ला | च | लाम् |
| भ | वा | न्मा | स्म | व | धी | न्न्या | य्यं |
| न्या | या | धा | रा | हि | सा | ध | वः |
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