अन्वयः
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सुराङ्गनाः विकसितकुसुमाधरं हसन्तीं कुरबकराजिवधूं विलोकयन्तम्, अशोकपल्लवेषु निषण्णं सशरम् अनङ्गम् इव (स्थितं नृपसुतं) ददृशुः।
English Summary
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The celestial women saw Arjuna as if he were the god of love (Kama) himself, seated with his arrow among the Ashoka sprouts. This Kama-like figure was gazing at the 'bride' of the Kurabaka flower row, who seemed to be laughing with her blossomed-flower lips.
सारांश
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देवांगनाओं ने अशोक के पत्तों के बीच छिपे हुए कामदेव को देखा, जो खिले हुए कुरबक पुष्पों की मुस्कान को अपलक निहार रहा था।
घण्टापथव्याख्या (मल्लिनाथः)
विकसितेति ॥ विकसितो विश्लिष्टः कुसुममेवाधरो यस्मिन्कर्मणि तद्यथा तथा हसन्तीं स्मयमानां कुरबकराजिरेव वधूस्तां विलोकयन्तम् । कामुकतयेति भावः । अत एवाशोकपल्लवेषु पल्लवसंस्तरेषु निषण्णम् । स्थितमित्यर्थः । रिरंसयेति शेषः। सशरम् । नित्यविजयित्वादिति भावः । इत्थंशृङ्गारवीरयोरेकाधिकरणभूतमनङ्गं सुराङ्गना ददृशुरिवेत्युत्प्रेक्षा । अशोकाद्यवलोकनान्मदनसाक्षात्कारादिव महान्मनःक्षोभस्तासामासीदित्यर्थः। अत्र रूपकोत्प्रेक्षयोः संसृष्टिः॥
पदच्छेदः
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| विकसितकुसुमाधरम् | विकसित–कुसुम–अधर (२.१) | she whose lower lip was a blossomed flower |
| हसन्तीं | हसन्ती (√हस्+शतृ+ङीप्, २.१) | laughing |
| कुरबकराजिवधूं | कुरबक–राजि–वधू (२.१) | the bride that is the row of Kurabaka flowers |
| विलोकयन्तम् | विलोकयन्त (वि√लोक्+णिच्+शतृ, २.१) | looking at |
| ददृशुः | ददृशुः (√दृश् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | saw |
| इव | इव | as if |
| सुराङ्गनाः | सुर–अङ्गना (१.३) | The celestial women |
| निषण्णम् | निषण्ण (नि√सद्+क्त, २.१) | seated |
| सशरम् | सशर (२.१) | with his arrow |
| अनङ्गम् | अनङ्ग (२.१) | the bodiless one (Kama) |
| अशोकपल्लवेषु | अशोक–पल्लव (७.३) | among the sprouts of the Ashoka tree |
छन्दः
पुष्पिताग्रा []
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| वि | क | सि | त | कु | सु | मा | ध | रं | ह | स | न्तीं | |
| कु | र | ब | क | रा | जि | व | धूं | वि | लो | क | य | न्तम् |
| द | दृ | शु | रि | व | सु | रा | ङ्ग | ना | नि | ष | ण्णं | |
| स | श | र | म | न | ङ्ग | म | शो | क | प | ल्ल | वे | षु |
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