प्रयत्नादाबाल्यं नवकमलिनीपल्लवकुलै-
स्त्वया भूयो यस्याः कृतमहह संवर्धनमभूत् ।
चिरादूधोभारं स्फुरणपरमाक्रान्तजघना
बभूव प्रष्ठौही मुरमथन सेयं कपलिका ॥

अन्वयः AI मुर-मथन, आबाल्यं प्रयत्नात् त्वया नव-कमलिनी-पल्लव-कुलैः यस्याः भूयः संवर्धनम् कृतम् अभूत्, सा इयम् कपिलिका चिरात् ऊधः-भार-स्फुरण-परम-आक्रान्त-जघना प्रष्ठौही बभूव। अहह।
Summary AI O Slayer of *Mura*! That little brown cow, whom You raised with such care from her infancy by feeding her bunches of fresh lotus leaves, has now become a young cow with a heavy, pulsating udder weighing down her hindquarters. Alas!
छन्दः शिखरिणी [१७: यमनसभलग]
छन्दोविश्लेषणम्
१ २ ३ ४ ५ ६ ७ ८ ९ १० ११ १२ १३ १४ १५ १६ १७
प्र य त्ना दा बा ल्यं न व क म लि नी प ल्ल व कु लै
स्त्व या भू यो य स्याः कृ त म ह ह सं व र्ध न म भूत्
चि रा दू धो भा रं स्फु र ण प र मा क्रा न्त ज घ ना
ब भू व प्र ष्ठौ ही मु र म थ न से यं क प लि का
य म न स भ ल ग
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