का द्यौः किं बलिसद्म का वसुमती स्यात्सर्वमेतद्यदि
प्रत्यक्षं न भवेत्कदाचिदपि किं ते सर्वसन्दर्शिनः ।
भ्राम्यन्तः प्रलपन्तु नाम विदितं मण्डूक सम्यक्त्वया
मुक्त्वेमं परमं कुकूपमितरत्किं नाम सम्भाव्यते ॥
का द्यौः किं बलिसद्म का वसुमती स्यात्सर्वमेतद्यदि
प्रत्यक्षं न भवेत्कदाचिदपि किं ते सर्वसन्दर्शिनः ।
भ्राम्यन्तः प्रलपन्तु नाम विदितं मण्डूक सम्यक्त्वया
मुक्त्वेमं परमं कुकूपमितरत्किं नाम सम्भाव्यते ॥
प्रत्यक्षं न भवेत्कदाचिदपि किं ते सर्वसन्दर्शिनः ।
भ्राम्यन्तः प्रलपन्तु नाम विदितं मण्डूक सम्यक्त्वया
मुक्त्वेमं परमं कुकूपमितरत्किं नाम सम्भाव्यते ॥
अन्वयः
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(हे) मण्डूक, द्यौः का? बलि-सद्म किम्? वसुमती का? यदि एतत् सर्वम् कदाचित् अपि प्रत्यक्षम् न भवेत्, (तर्हि) ते सर्व-सन्दर्शिनः किम् (स्युः)? भ्राम्यन्तः (जनाः) नाम प्रलपन्तु। त्वया सम्यक् विदितम्। इमम् परमम् कु-कूपम् मुक्त्वा, इतरत् किम् नाम सम्भाव्यते?
Summary
AI
What is heaven? What is the netherworld? What is the earth? If all this is never directly perceived, what use are those who claim to see everything? Let the wanderers prattle on. O frog, it is well known by you: besides this supreme little well, what else can possibly be conceived?
पदच्छेदः
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| का | किम् (१.१) | what is |
| द्यौः | द्यो (१.१) | heaven |
| किम् | किम् (१.१) | what is |
| बलिसद्म | बलि–सद्मन् (१.१) | the netherworld |
| का | किम् (१.१) | what is |
| वसुमती | वसुमती (१.१) | the earth |
| स्यात् | स्यात् (√अस् कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | may be |
| सर्वम् | सर्व (१.१) | all |
| एतत् | एतद् (१.१) | this |
| यदि | यदि | if |
| प्रत्यक्षम् | प्रत्यक्ष (१.१) | directly perceived |
| न | न | not |
| भवेत् | भवेत् (√भू कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | is |
| कदाचित् | कदाचित् | ever |
| अपि | अपि | even |
| किम् | किम् (१.१) | what use are |
| ते | तद् (१.३) | those |
| सर्वसन्दर्शिनः | सर्व–सन्दर्शिन् (१.३) | who see everything |
| भ्राम्यन्तः | भ्राम्यत् (√भ्रम्+शतृ, १.३) | wanderers |
| प्रलपन्तु | प्रलपन्तु (प्र√लप् कर्तरि लोट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | let them prattle |
| नाम | नाम | indeed |
| विदितम् | विदित (√विद्+क्त, १.१) | is known |
| मण्डूक | मण्डूक (८.१) | O frog |
| सम्यक् | सम्यक् | well |
| त्वया | युष्मद् (३.१) | by you |
| मुक्त्वा | मुक्त्वा (√मुच्+क्त्वा) | besides |
| इमम् | इदम् (२.१) | this |
| परमम् | परम (२.१) | supreme |
| कुकूपम् | कुकूप (२.१) | little well |
| इतरत् | इतर (१.१) | anything else |
| किम् | किम् (१.१) | what |
| नाम | नाम | indeed |
| सम्भाव्यते | सम्भाव्यते (सम्√भू +णिच् भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | can be conceived |
छन्दः
शार्दूलविक्रीडितम् [१९: मसजसततग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ | १५ | १६ | १७ | १८ | १९ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| का | द्यौः | किं | ब | लि | स | द्म | का | व | सु | म | ती | स्या | त्स | र्व | मे | त | द्य | दि |
| प्र | त्य | क्षं | न | भ | वे | त्क | दा | चि | द | पि | किं | ते | स | र्व | स | न्द | र्शि | नः |
| भ्रा | म्य | न्तः | प्र | ल | प | न्तु | ना | म | वि | दि | तं | म | ण्डू | क | स | म्य | क्त्व | या |
| मु | क्त्वे | मं | प | र | मं | कु | कू | प | मि | त | र | त्किं | ना | म | स | म्भा | व्य | ते |
| म | स | ज | स | त | त | ग | ||||||||||||
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