विद्धं साधु न साध्विव प्लुतमिदं रे रे कथं विध्यसी-
त्याख्यातुं रणकौशलं वयमपि प्रौढाः स्थिता दूरतः ।
आक्रामन्रणमेदिनीमपि वहन्खङ्गं विकोशं करे
वेत्ति स्वं च परं च यद्यवहितो विक्रान्तिरेषैव नः ॥
विद्धं साधु न साध्विव प्लुतमिदं रे रे कथं विध्यसी-
त्याख्यातुं रणकौशलं वयमपि प्रौढाः स्थिता दूरतः ।
आक्रामन्रणमेदिनीमपि वहन्खङ्गं विकोशं करे
वेत्ति स्वं च परं च यद्यवहितो विक्रान्तिरेषैव नः ॥
त्याख्यातुं रणकौशलं वयमपि प्रौढाः स्थिता दूरतः ।
आक्रामन्रणमेदिनीमपि वहन्खङ्गं विकोशं करे
वेत्ति स्वं च परं च यद्यवहितो विक्रान्तिरेषैव नः ॥
अन्वयः
AI
रे रे, कथम् विध्यसि? इदम् साधु विद्धम्, साधु इव न प्लुतम् इति रणकौशलम् आख्यातुम् वयम् अपि प्रौढाः दूरतः स्थिताः। यदि अवहितः (सन्) रणमेदिनीम् आक्रामन्, करे विकोशम् खङ्गम् वहन् अपि, स्वम् च परम् च वेत्ति, एषा एव नः विक्रान्तिः।
Summary
AI
We, who are experts, stand far away to comment on the skill in battle, saying, 'Hey! How are you striking? This was a good hit, that was not a good leap.' But true valor for us is this: if one, while attentive, advancing on the battlefield and carrying an unsheathed sword, knows both himself and the enemy.
पदच्छेदः
AI
| विद्धम् | विद्ध (√व्यध्+क्त, १.१) | struck |
| साधु | साधु | well |
| न | न | not |
| साधु | साधु | well |
| इव | इव | like |
| प्लुतम् | प्लुत (√प्लु+क्त, १.१) | leapt |
| इदम् | इदम् (१.१) | this |
| रे | रे (८.१) | O! |
| रे | रे (८.१) | O! |
| कथम् | कथम् | how |
| विध्यसि | विध्यसि (√व्यध् कर्तरि लट् (परस्मै.) म.पु. एक.) | you strike |
| इति | इति | thus |
| आख्यातुम् | आख्यातुम् (आ√ख्या+तुमुन्) | to tell |
| रणकौशलम् | रण–कौशल (२.१) | skill in battle |
| वयम् | अस्मद् (१.३) | we |
| अपि | अपि | also |
| प्रौढाः | प्रौढ (प्र√वह्+क्त, १.३) | experts |
| स्थिताः | स्थित (√स्था+क्त, १.३) | stand |
| दूरतः | दूरतः | from afar |
| आक्रामन् | आक्रामत् (आ√क्रम्+शतृ, १.१) | advancing |
| रणमेदिनीम् | रण–मेदिनी (२.१) | the battlefield |
| अपि | अपि | even |
| वहन् | वहत् (√वह्+शतृ, १.१) | carrying |
| खङ्गम् | खङ्ग (२.१) | a sword |
| विकोशम् | वि–कोश (२.१) | unsheathed |
| करे | कर (७.१) | in hand |
| वेत्ति | वेत्ति (√विद् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | knows |
| स्वम् | स्व (२.१) | oneself |
| च | च | and |
| परम् | पर (२.१) | the other |
| च | च | and |
| यदि | यदि | if |
| अवहितः | अवहित (अव√धा+क्त, १.१) | attentive |
| विक्रान्तिः | विक्रान्ति (वि√क्रम्+क्तिन्, १.१) | valor |
| एषा | एतद् (१.१) | this |
| एव | एव | alone |
| नः | अस्मद् (६.३) | our |
छन्दः
शार्दूलविक्रीडितम् [१९: मसजसततग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ | १५ | १६ | १७ | १८ | १९ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| वि | द्धं | सा | धु | न | सा | ध्वि | व | प्लु | त | मि | दं | रे | रे | क | थं | वि | ध्य | सी |
| त्या | ख्या | तुं | र | ण | कौ | श | लं | व | य | म | पि | प्रौ | ढाः | स्थि | ता | दू | र | तः |
| आ | क्रा | म | न्र | ण | मे | दि | नी | म | पि | व | ह | न्ख | ङ्गं | वि | को | शं | क | रे |
| वे | त्ति | स्वं | च | प | रं | च | य | द्य | व | हि | तो | वि | क्रा | न्ति | रे | षै | व | नः |
| म | स | ज | स | त | त | ग | ||||||||||||
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