सर्वज्ञो यदि शङ्करो यदि महादेवो यदि प्रायशो
देवानामपि दैवतं यदि तदप्यास्तामिदं दूरतः ।
धुत्तूरैः फणिभिः कपालवलयैरन्यैश्च ते सङ्गति-
श्चूडाचन्द्रकले न तावदुचिता याचे बहिर्गम्यताम् ॥
सर्वज्ञो यदि शङ्करो यदि महादेवो यदि प्रायशो
देवानामपि दैवतं यदि तदप्यास्तामिदं दूरतः ।
धुत्तूरैः फणिभिः कपालवलयैरन्यैश्च ते सङ्गति-
श्चूडाचन्द्रकले न तावदुचिता याचे बहिर्गम्यताम् ॥
देवानामपि दैवतं यदि तदप्यास्तामिदं दूरतः ।
धुत्तूरैः फणिभिः कपालवलयैरन्यैश्च ते सङ्गति-
श्चूडाचन्द्रकले न तावदुचिता याचे बहिर्गम्यताम् ॥
अन्वयः
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(हे) चूडाचन्द्रकले, यदि (सः) शङ्करः, यदि सर्वज्ञः, यदि महादेवः, यदि प्रायशः देवानाम् अपि दैवतम्, तत् अपि इदम् दूरतः आस्ताम् । धुत्तूरैः, फणिभिः, कपालवलयैः, अन्यैः च ते सङ्गतिः तावत् न उचिता । याचे, बहिः गम्यताम् ।
Summary
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O crescent moon on Shiva's crest! Even if he is Shankara, all-knowing, Mahadeva, and the deity of deities, let all that be. Your association with Datura flowers, snakes, skull-bracelets, and other such things is not at all proper for you. I beg you, please leave. This advises a noble person to dissociate from a great but disreputable master, as the bad company tarnishes their own good name, regardless of the master's greatness.
पदच्छेदः
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| सर्वज्ञः | सर्व–ज्ञ (१.१) | all-knowing |
| यदि | यदि | if |
| शङ्करः | शङ्कर (१.१) | Shankara |
| यदि | यदि | if |
| महादेवः | महत्–देव (१.१) | Mahadeva |
| यदि | यदि | if |
| प्रायशः | प्रायशस् | mostly |
| देवानाम् | देव (६.३) | of the gods |
| अपि | अपि | even |
| दैवतं | दैवत (१.१) | a deity |
| यदि | यदि | if |
| तत् | तद् (१.१) | that |
| अपि | अपि | even |
| आस्ताम् | आस्ताम् (√आस् कर्तरि लोट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | let it be |
| इदं | इदम् (१.१) | this |
| दूरतः | दूरतः | aside |
| धुत्तूरैः | धुत्तूर (३.३) | with Datura flowers |
| फणिभिः | फणिन् (३.३) | with snakes |
| कपालवलयैः | कपाल–वलय (३.३) | with bracelets of skulls |
| अन्यैः | अन्य (३.३) | with others |
| च | च | and |
| ते | युष्मद् (६.१) | your |
| सङ्गतिः | सङ्गति (१.१) | association |
| चूडाचन्द्रकले | चूडा–चन्द्रकला (८.१) | O crescent moon on the crest |
| न | न | not |
| तावत् | तावत् | at all |
| उचिता | उचित (१.१) | is proper |
| याचे | याचे (√याच् कर्तरि लट् (आत्मने.) उ.पु. एक.) | I beg |
| बहिः | बहिर् | outside |
| गम्यताम् | गम्यताम् (√गम् भावकर्मणोः लोट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | please go |
छन्दः
शार्दूलविक्रीडितम् [१९: मसजसततग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ | १५ | १६ | १७ | १८ | १९ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | र्व | ज्ञो | य | दि | श | ङ्क | रो | य | दि | म | हा | दे | वो | य | दि | प्रा | य | शो |
| दे | वा | ना | म | पि | दै | व | तं | य | दि | त | द | प्या | स्ता | मि | दं | दू | र | तः |
| धु | त्तू | रैः | फ | णि | भिः | क | पा | ल | व | ल | यै | र | न्यै | श्च | ते | स | ङ्ग | ति |
| श्चू | डा | च | न्द्र | क | ले | न | ता | व | दु | चि | ता | या | चे | ब | हि | र्ग | म्य | ताम् |
| म | स | ज | स | त | त | ग | ||||||||||||
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