स्वस्ति स्वागतमास्यते सुखममी जाताः कुतः पल्लवाः
हन्तासन्कुसुमान्यपीह किमतो माध्वी च तत्रेक्ष्यते ।
किं भृङ्गा अपि सन्ति साधु शिरसि न्यस्तं पदं शाखिनां
धुत्तूरास्ति न दुर्लभं किमपि ते यावद्वसन्तः सुखी ॥
स्वस्ति स्वागतमास्यते सुखममी जाताः कुतः पल्लवाः
हन्तासन्कुसुमान्यपीह किमतो माध्वी च तत्रेक्ष्यते ।
किं भृङ्गा अपि सन्ति साधु शिरसि न्यस्तं पदं शाखिनां
धुत्तूरास्ति न दुर्लभं किमपि ते यावद्वसन्तः सुखी ॥
हन्तासन्कुसुमान्यपीह किमतो माध्वी च तत्रेक्ष्यते ।
किं भृङ्गा अपि सन्ति साधु शिरसि न्यस्तं पदं शाखिनां
धुत्तूरास्ति न दुर्लभं किमपि ते यावद्वसन्तः सुखी ॥
अन्वयः
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(हे) धुत्तूर, स्वस्ति, स्वागतम्, सुखम् आस्यते (किम्)? अमी पल्लवाः कुतः जाताः? हन्त, इह कुसुमानि अपि आसन् किम्? अतः तत्र माध्वी च ईक्ष्यते (किम्)? किम् भृङ्गाः अपि सन्ति? साधु! शाखिनाम् शिरसि पदम् न्यस्तम्। यावत् वसन्तः सुखी (अस्ति), (तावत्) ते किम् अपि दुर्लभम् न अस्ति।
Summary
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"Hail, Dhattura! Welcome! Are you well? Where did these sprouts come from? Oh, were there flowers too? And is honey seen there? Are there bees as well? Excellent! You have placed your foot on the heads of all trees." As long as Spring is favorable, nothing is unattainable for you.
पदच्छेदः
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| स्वस्ति | स्वस्ति | hail |
| स्वागतम् | स्वागत (१.१) | welcome |
| आस्यते | आस्यते (√आस् भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | are you well |
| सुखम् | सुखम् | comfortably |
| अमी | अदस् (१.३) | these |
| जाताः | जात (√जन्+क्त, १.३) | born |
| कुतः | कुतस् | from where |
| पल्लवाः | पल्लव (१.३) | sprouts |
| हन्त | हन्त | oh |
| आसन् | आसन् (√अस् कर्तरि लङ् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | were there |
| कुसुमानि | कुसुम (१.३) | flowers |
| अपि | अपि | also |
| इह | इह | here |
| किम् | किम् | what |
| अतः | अतस् | from this |
| माध्वी | माध्वी (१.१) | honey |
| च | च | and |
| तत्र | तत्र | there |
| ईक्ष्यते | ईक्ष्यते (√ईक्ष् भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | is seen |
| किम् | किम् | are |
| भृङ्गाः | भृङ्ग (१.३) | bees |
| अपि | अपि | also |
| सन्ति | सन्ति (√अस् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | there |
| साधु | साधु | excellent |
| शिरसि | शिरस् (७.१) | on the head |
| न्यस्तम् | न्यस्त (नि√अस्+क्त, १.१) | placed |
| पदम् | पद (१.१) | foot |
| शाखिनां | शाखिन् (६.३) | of trees |
| धुत्तूर | धुत्तूर (८.१) | O Dhattura |
| अस्ति | अस्ति (√अस् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | is |
| न | न | not |
| दुर्लभम् | दुर्लभ (१.१) | difficult to obtain |
| किमपि | किमपि | anything |
| ते | युष्मद् (६.१) | for you |
| यावत् | यावत् | as long as |
| वसन्तः | वसन्तः (१.१) | Spring |
| सुखी | सुखिन् (१.१) | is happy/favorable |
छन्दः
शार्दूलविक्रीडितम् [१९: मसजसततग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ | १५ | १६ | १७ | १८ | १९ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स्व | स्ति | स्वा | ग | त | मा | स्य | ते | सु | ख | म | मी | जा | ताः | कु | तः | प | ल्ल | वाः |
| ह | न्ता | स | न्कु | सु | मा | न्य | पी | ह | कि | म | तो | मा | ध्वी | च | त | त्रे | क्ष्य | ते |
| किं | भृ | ङ्गा | अ | पि | स | न्ति | सा | धु | शि | र | सि | न्य | स्तं | प | दं | शा | खि | नां |
| धु | त्तू | रा | स्ति | न | दु | र्ल | भं | कि | म | पि | ते | या | व | द्व | स | न्तः | सु | खी |
| म | स | ज | स | त | त | ग | ||||||||||||
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