सालक्तकं शतदलाधिककान्तिरम्यं
रत्नौघधामनिकरारुणनूपुरं च ।
क्षिप्तं भृशं कुपितया तरलोत्पलाक्ष्या
सौभाग्यचिह्नमिव मूर्ध्नि पदं विरेजे ॥
सालक्तकं शतदलाधिककान्तिरम्यं
रत्नौघधामनिकरारुणनूपुरं च ।
क्षिप्तं भृशं कुपितया तरलोत्पलाक्ष्या
सौभाग्यचिह्नमिव मूर्ध्नि पदं विरेजे ॥
रत्नौघधामनिकरारुणनूपुरं च ।
क्षिप्तं भृशं कुपितया तरलोत्पलाक्ष्या
सौभाग्यचिह्नमिव मूर्ध्नि पदं विरेजे ॥
अन्वयः
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कुपितया तरल-उत्पल-अक्ष्या भृशम् क्षिप्तम्, स-अलक्तकम्, शत-दल-अधिक-कान्ति-रम्यम्, रत्न-ओघ-धाम-निकर-अरुण-नूपुरम् च पदम्, सौभाग्य-चिह्नम् इव मूर्ध्नि विरेजे।
Summary
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Her foot—adorned with red lac, lovely with a beauty surpassing a hundred-petaled lotus, and with an anklet reddened by the cluster of rays from a multitude of gems—was kicked hard by the angry, restless-lotus-eyed woman and shone upon my head like a mark of good fortune.
पदच्छेदः
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| सालक्तकम् | स–अलक्तक (१.१) | adorned with red lac |
| शतदलाधिककान्तिरम्यम् | शतदल–अधिक–कान्ति–रम्य (१.१) | lovely with a beauty surpassing a hundred-petaled lotus |
| रत्नौघधामनिकरारुणनूपुरम् | रत्न–ओघ–धाम–निकर–अरुण–नूपुर (१.१) | with an anklet reddened by the cluster of rays from a multitude of gems |
| च | च | and |
| क्षिप्तम् | क्षिप्त (√क्षिप्+क्त, १.१) | kicked |
| भृशम् | भृशम् | hard |
| कुपितया | कुपित (३.१) | by the angry one |
| तरलोत्पलाक्ष्या | तरल–उत्पल–अक्षि (३.१) | by her with eyes like restless lotuses |
| सौभाग्यचिह्नम् | सौभाग्य–चिह्न (१.१) | a mark of good fortune |
| इव | इव | like |
| मूर्ध्नि | मूर्धन् (७.१) | on the head |
| पदम् | पद (१.१) | the foot |
| विरेजे | विरेजे (वि√राज् कर्तरि लिट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | shone |
छन्दः
वसन्ततिलका [१४: तभजजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| सा | ल | क्त | कं | श | त | द | ला | धि | क | का | न्ति | र | म्यं |
| र | त्नौ | घ | धा | म | नि | क | रा | रु | ण | नू | पु | रं | च |
| क्षि | प्तं | भृ | शं | कु | पि | त | या | त | र | लो | त्प | ला | क्ष्या |
| सौ | भा | ग्य | चि | ह्न | मि | व | मू | र्ध्नि | प | दं | वि | रे | जे |
| त | भ | ज | ज | ग | ग | ||||||||
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