कृतो दूरादेव स्मितमधुरमभ्युद्गमविधिः
शिरस्याज्ञा न्यस्ता प्रतिवचनवत्यानतिमति ।
न दृष्टेः शैथिल्यं मिलन इति चेतो दहति मे
निगूढान्तःकोपात्कठिनहृदये संवृतिरियम् ॥
कृतो दूरादेव स्मितमधुरमभ्युद्गमविधिः
शिरस्याज्ञा न्यस्ता प्रतिवचनवत्यानतिमति ।
न दृष्टेः शैथिल्यं मिलन इति चेतो दहति मे
निगूढान्तःकोपात्कठिनहृदये संवृतिरियम् ॥
शिरस्याज्ञा न्यस्ता प्रतिवचनवत्यानतिमति ।
न दृष्टेः शैथिल्यं मिलन इति चेतो दहति मे
निगूढान्तःकोपात्कठिनहृदये संवृतिरियम् ॥
अन्वयः
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(त्वया) दूरात् एव स्मितमधुरम् अभ्युद्गमविधिः कृतः। शिरसि आज्ञा न्यस्ता। आनतिमति प्रतिवचनवती (असि)। दृष्टेः शैथिल्यम् न (अस्ति)। कठिनहृदये! इयम् निगूढान्तःकोपात् संवृतिः (इति) मे चेतः दहति।
Summary
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A lover speaks to his beloved: "You performed the rite of welcome with a sweet smile from afar, you accepted my command on your head, you replied with a bow. There is no wavering in your gaze. O hard-hearted one, the thought that this meeting is just a concealment of your hidden anger burns my heart."
पदच्छेदः
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| कृतः | कृत (√कृ+क्त, १.१) | was performed |
| दूरात् | दूर (५.१) | from a distance |
| एव | एव | itself |
| स्मितमधुरम् | स्मित–मधुर | sweet with a smile |
| अभ्युद्गमविधिः | अभि–उद्गम–विधि (१.१) | the rite of welcome |
| शिरसि | शिरस् (७.१) | on the head |
| आज्ञा | आज्ञा (१.१) | the command |
| न्यस्ता | न्यस्त (नि√अस्+क्त, १.१) | was placed |
| प्रतिवचनवती | प्रतिवचनवत् (१.१) | you who replied |
| आनतिमति | आनतिमत् (१.१) | you who bowed |
| न | न | no |
| दृष्टेः | दृष्टि (६.१) | of the gaze |
| शैथिल्यम् | शैथिल्य (१.१) | wavering |
| मिलन | मिलन (१.१) | meeting |
| इति | इति | that |
| चेतः | चेतस् (१.१) | heart |
| दहति | दहति (√दह् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | burns |
| मे | अस्मद् (६.१) | my |
| निगूढान्तःकोपात् | निगूढ–अन्तः–कोप (५.१) | from hidden inner anger |
| कठिनहृदये | कठिनहृदया (८.१) | O hard-hearted one |
| संवृतिः | संवृति (१.१) | concealment |
| इयम् | इदम् (१.१) | this |
छन्दः
शिखरिणी [१७: यमनसभलग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ | १५ | १६ | १७ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| कृ | तो | दू | रा | दे | व | स्मि | त | म | धु | र | म | भ्यु | द्ग | म | वि | धिः |
| शि | र | स्या | ज्ञा | न्य | स्ता | प्र | ति | व | च | न | व | त्या | न | ति | म | ति |
| न | दृ | ष्टेः | शै | थि | ल्यं | मि | ल | न | इ | ति | चे | तो | द | ह | ति | मे |
| नि | गू | ढा | न्तः | को | पा | त्क | ठि | न | हृ | द | ये | सं | वृ | ति | रि | यम् |
| य | म | न | स | भ | ल | ग | ||||||||||
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