शून्यं वासगृहं विलोक्य शयनादुत्थाय किंचिच्छनै-
र्निद्राव्याजमुपागतस्य सुचिरं निर्वर्ण्य पत्युर्मुखम् ।
विश्रब्धं परिचुम्ब्य जातपुलकामालोक्य गण्डस्थलीं
लज्जानम्रमुखी प्रियेण हसता बाला चिरं चुम्बिता ॥
शून्यं वासगृहं विलोक्य शयनादुत्थाय किंचिच्छनै-
र्निद्राव्याजमुपागतस्य सुचिरं निर्वर्ण्य पत्युर्मुखम् ।
विश्रब्धं परिचुम्ब्य जातपुलकामालोक्य गण्डस्थलीं
लज्जानम्रमुखी प्रियेण हसता बाला चिरं चुम्बिता ॥
र्निद्राव्याजमुपागतस्य सुचिरं निर्वर्ण्य पत्युर्मुखम् ।
विश्रब्धं परिचुम्ब्य जातपुलकामालोक्य गण्डस्थलीं
लज्जानम्रमुखी प्रियेण हसता बाला चिरं चुम्बिता ॥
अन्वयः
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बाला शून्यम् वासगृहम् विलोक्य, शयनात् किञ्चित् शनैः उत्थाय, निद्राव्याजम् उपागतस्य पत्युः मुखम् सुचिरम् निर्वर्ण्य, विश्रब्धम् परिचुम्ब्य, जातपुलकाम् गण्डस्थलीम् आलोक्य, लज्जानम्रमुखी (सती), हसता प्रियेण चिरम् चुम्बिता।
Summary
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Seeing the bedroom empty, a young woman rises slowly from her bed. She gazes for a long time at the face of her husband, who is pretending to be asleep. She kisses him boldly, but then, seeing his cheek horripilate, she becomes shame-faced. Her laughing beloved then kisses her for a long time.
पदच्छेदः
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| शून्यम् | शून्य (२.१) | empty |
| वासगृहम् | वासगृह (२.१) | the bedroom |
| विलोक्य | विलोक्य (वि√लोक्+ल्यप्) | having seen |
| शयनात् | शयन (५.१) | from the bed |
| उत्थाय | उत्थाय (उद्√स्था+ल्यप्) | having risen |
| किञ्चित् | किञ्चित् | a little |
| शनैः | शनैः | slowly |
| निद्राव्याजम् | निद्रा–व्याज (२.१) | the pretense of sleep |
| उपागतस्य | उपागत (उप+आ√गम्+क्त, ६.१) | of him who had resorted to |
| सुचिरम् | सुचिरम् | for a long time |
| निर्वर्ण्य | निर्वर्ण्य (निर्√वर्ण्+ल्यप्) | having gazed at |
| पत्युः | पति (६.१) | of her husband |
| मुखम् | मुख (२.१) | the face |
| विश्रब्धम् | विश्रब्धम् | boldly |
| परिचुम्ब्य | परिचुम्ब्य (परि√चुम्ब्+ल्यप्) | having kissed |
| जातपुलकाम् | जात (√जन्+क्त)–पुलक (२.१) | horripilated |
| आलोक्य | आलोक्य (आ√लोक्+ल्यप्) | having seen |
| गण्डस्थलीम् | गण्डस्थली (२.१) | the cheek |
| लज्जानम्रमुखी | लज्जा–नम्र–मुख (१.१) | she whose face was bent with shame |
| प्रियेण | प्रिय (३.१) | by her beloved |
| हसता | हसत् (√हस्+शतृ, ३.१) | who was laughing |
| बाला | बाला (१.१) | the young woman |
| चिरम् | चिरम् | for a long time |
| चुम्बिता | चुम्बित (√चुम्ब्+क्त, १.१) | was kissed |
छन्दः
शार्दूलविक्रीडितम् [१९: मसजसततग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ | १५ | १६ | १७ | १८ | १९ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| शू | न्यं | वा | स | गृ | हं | वि | लो | क्य | श | य | ना | दु | त्था | य | किं | चि | च्छ | नै |
| र्नि | द्रा | व्या | ज | मु | पा | ग | त | स्य | सु | चि | रं | नि | र्व | र्ण्य | प | त्यु | र्मु | खम् |
| वि | श्र | ब्धं | प | रि | चु | म्ब्य | जा | त | पु | ल | का | मा | लो | क्य | ग | ण्ड | स्थ | लीं |
| ल | ज्जा | न | म्र | मु | खी | प्रि | ये | ण | ह | स | ता | बा | ला | चि | रं | चु | म्बि | ता |
| म | स | ज | स | त | त | ग | ||||||||||||
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